'अब ED के बाद अब RTI का इस्तेमाल कर रहे PM मोदी...', स्टालिन ने कच्चातिवु विवाद पर साधा निशाना
MK Stalin on Katchatheevu island row: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कच्चातिवु द्वीप विवाद पर फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है।
एमके स्टालिन ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी अब ईडी के बाद RTI (सूचना का अधिकार अधिनियम ) का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर (IT) के बाद, उन्होंने आरटीआई (RTI) को भी अपने गठबंधन में शामिल कर लिया है। ''

'PM मोदी RTI का इस्तेमाल नौटंकी के लिए कर रहे हैं'
एमके स्टालिन ने कहा, ''पीएम मोदी जानते हैं कि अगर वह कुछ भी कहेंगे तो लोग विश्वास नहीं करेंगे, इसलिए वह आरटीआई का इस्तेमाल नौटंकी के लिए कर रहे हैं।" स्टालिन ने यह भी सवाल किया कि प्रधानमंत्री मोदी को उत्तर प्रदेश में कच्चातिवु विवाद पर क्यों बोलना पड़ा?
एमके स्टालिन ने तीखा पलटवार पीएम मोदी के कच्चातिवु विवाद पर लगाए गए आरोपों के बाद किया है। पीएम मोदी ने आरटीआई रिपोर्ट के बाद कच्चातिवु द्वीप विवाद पर कांग्रेस की आलोचना की थी, जिसमें कहा गया था कि 1974 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को सौंप दिया था।
स्टालिन ने कहा- 'लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराना चाहिए...'
एमके स्टालिन ने यह भी कहा, सामाजिक न्याय और समानता कायम करने के लिए आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराना चाहिए। उन्होंने कहा कि, भाजपा को यह भी पता था कि दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के लोग उसे सत्ता से हटा देंगे।
स्टालिन ने पीएम मोदी की आलोचना करते हुए कहा है कि, उन्होंने जो कहा है कि वह ईडी की कार्रवाइयों से अनजान हैं, ये बात तो समझ से परे हैं उन्होंने कहा, "क्या आप झारखंड के मुख्यमंत्री पूर्व (हेमंत सोरेन) और दिल्ली के मुख्यमंत्री (अरविंद केजरीवाल) की गिरफ्तारी के बारे में नहीं जानते थे? कांग्रेस पार्टी के खातों को फ्रीज करने के बाद, आयकर ने सुप्रीम कोर्ट में यू-टर्न ले लिया। तो आपको ये पता नहीं था कि क्या, आईटी, ईडी और सीबीआई क्या कर रहे हैं?''
उन्होंने यह भी कहा कि जिन्हें 'द्रविड़म' शब्द पसंद नहीं है, वे उन्हें धर्म के दुश्मन के रूप में खुद दिखा रहे हैं। स्टालिन ने कहा, "हम सांप्रदायिकता के दुश्मन हैं, जो लोगों को बांटती है, धर्म को नहीं। एम करुणानिधि की स्टाइल में कहें तो, हम यह दावा नहीं करते कि मंदिर का अस्तित्व नहीं होना चाहिए, लेकिन हमारा दावा है कि मंदिर को किसी का शिविर नहीं बनना चाहिए। कुल मिलाकर, हम उन लोगों के दुश्मन हैं जो लोगों को विभाजित करने के लिए धर्म का उपयोग करते हैं।''












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