Karwa Chauth 2024: श्रंगार, पूजा और चांद का दीदार, करवा चौथ व्रत पूरा, देखें तस्वीरें
Karwa Chauth 2024: भारत में पति की लंबी उम्र और सुख- शांति के लिए किया जाने वाला करवा चौथ व्रत का अनुष्ठान चांद के दर्शन के साथ पूरा हो गया। चांद निकलने का प्रतीक्षा पूरा होते ही दौरान महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर छलनी से चांद को देखा। इसके बाद महिलाओं ने अपने-अपने पति की आरती की।
करवा चौथ व्रत पूरे भारत में सुहागिनों के लिए विशेष व्रत है। पूरा दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। शाम ढलने के बाद चांद का दीदार कर अपने पति के हाथ से जल पीकर व्रत तोड़ते हैं। चलनी से अपने पति का दीदार करते हैं। इसके बाद निर्जला व्रत का समापन करते हैं।
रविवार को देश के कोने कोने से इस व्रत के दौरान तस्वीरें सामने आईं।

देश के कई हिस्सों में करवा चौथ का चांद दिखाई दे दिया। गुवाहाटी, अयोध्या और शिमला समेत कई जगहों पर चांद दिखाई दिया और सुगाहिन महिलाएं चांद के दर्शन करने के बाद व्रत खोला।


बता दें कि करवा चौथ का त्योहार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु, अच्छे वर की कामना के लिए अविवाहित महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं। करवा चौथ का यह महापर्व विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। पति-पत्नी के बीच समर्पण ,प्यार और अटूट विश्वास का त्योहार इस वर्ष 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं श्रृंगार करके सुबह से ही निर्जला व्रत रहती हैं और शाम को कथा और मिट्टी के बर्तन यानी करवा की विशेष पूजा करते हुए रात को चंद्रमा के दर्शन करके व्रत खोलती हैं।
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ की पूजा में सींक का होना बहुत जरुरी होता है। ये मां करवा की शक्ति का प्रतीक है। कथा के अनुसार मां करवा के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया था तब उन्होंने कच्चे धागे से मगर को आन देकर बांध दिया और यमराज के पास पहुंच गई। वे उस समय चित्रगुप्त के खाते देख रहे थे। करवा ने सात सींक लेकर उन्हें झाड़ना शुरू कर दिया, जिससे खाते आकाश में उड़ने लगे। करवा ने यमराज से पति की रक्षा मांगी तब उन्होंने मगर को मारकर करवा के पति के प्राण बचाए और उसे लंबी उम्र दी।












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