kartarpur corridor:तीर्थयात्रियों के लिए भारत ने पाकिस्तान के सामने रख दी बड़ी मांग

नई दिल्ली- करतारपुर साहिब में जाकर मत्था टेकने के लिए भारतीय तीर्थयात्री करतारपुर कॉरिडोर खुलने का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस कॉरिडोर के खुलने का जितना भारत में इंतजार हो रहा है, उससे कहीं ज्यादा पाकिस्तान भी पलक-पांवड़े बिछाए बैठा है। वह इस बात की प्रतीक्षा कर रहा है कि कब यह यात्रा शुरू और कब उसकी कमाई का जरिया शुरू हो जाए। लेकिन, भारत ने अब पाकिस्तान के सामने ऐसी मांग रख दी है, जिससे उसको सांप सूंघ सकता है। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह तीर्थयात्रियों के हित में उनसे वसूले जाने वाली सर्विस फीस का विचार दिमाग से निकाल दे। गौरतलब है कि इस कॉरिडोर के खुलने से पाकिस्तान रोजाना लाखों की कमाई की उम्मीद लगाए बैठा है। अगर उसने भारत की बात मान ली तो उसकी ये कमाई रुक सकती है।

श्रद्धालुओं के लिए भारत की बड़ी मांग

श्रद्धालुओं के लिए भारत की बड़ी मांग

भारत ने पाकिस्तान से मांग कर दी है कि वह करतारपुर कॉरिडोर की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों से वसूले जाने के लिए अपनी प्रस्तावित सर्विस फीस को खत्म कर दे। बता दें कि पाकिस्तान ने भारत से करतारपुर साहिब की यात्रा करने वाले सभी तीर्थयात्रियों से 20 डॉलर (करीब 1,420 रुपये) वसूलने का फैसला किया है। अब भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि इस कॉरिडोर को लेकर होने वाले समझौते पर दस्तखत से पहले वह इस शुल्क को वापस लेने की घोषणा कर दे। गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान देकर बताया कि 'हमनें पाकिस्तान से कहा है कि श्रद्धालुओं के हित में ऐसा नहीं करे और क्योंकि यह लोगों के बीच आपसी संपर्क की एक पहल भी है। हम उम्मीद करते हैं कि यह समझौता हो सकता है और महान अवसर के लिए समय पर दस्तखत हो जाएंगे। '

करोड़ों की कमाई कैसे छोड़ेगा पाकिस्तान

करोड़ों की कमाई कैसे छोड़ेगा पाकिस्तान

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने कहा है कि वह करतारपुर साहिब की यात्रा करने वाले हर श्रद्धालु से करीब 1,420 रुपये बतौर सर्विस फीस लेगा। बता दें कि इस यात्रा की शुरुआत के लिए भारत की ओर से बड़ी तैयारियां की जा रही हैं। विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 'गुरु नानक देवजी की 550वीं जयंती मनाने के लिए करतारपुर साहिब कॉरिडोर भारत की ओर से शुरू की गई लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।' आपको बता दें कि भारत का प्रस्ताव पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि वह अभी बहुत बड़ी आर्थिक बदहाली से गुजर रहा है। अगर उसने भारत की बात मान ली तो उसे तीर्थ यात्रियों की एंट्री फीस में 21 करोड़ का चूना लग सकता है, जो इस यात्रा से वह कमाने वाला है।

शनिवार को एमओयू पर दस्तखत होने के आसार

शनिवार को एमओयू पर दस्तखत होने के आसार

उम्मीद है कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच 19 अक्टूबर यानि शनिवार को एमओयू को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके अगले दिन यानि 20 अक्टूबर से करतारपुर साहिब में मत्था टेकने के इच्छुक श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन शुरू होने की संभावना है। भारत सरकार के अधिकारियों के मुताबिक इस पवित्र यात्रा से संबंधित सभी निर्माण कार्य, जिसमें पहले से तैयार यात्री टर्मिनल भी शामिल है, 31 अक्टूबर तक पूरा हो जाने की संभावना है। बता दें कि अगले 8 नवंबर को इस कॉरिडोर की ओपनिंग होनी है, जिसमें पाकिस्तान की ओर से रोजाना 5,000 भारतीय तीर्थयात्रियों को दर्शन की मंजूरी देने का करार हुआ है।

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