कर्नाटक में मोहर्रम और गणेश चतुर्थी के सार्वजनिक कार्यक्रम पर रोक, सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश
नई दिल्ली, 13 अगस्त। कर्नाटक सरकार ने मोहर्रम के मौके पर हर तरह के कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 20 अगस्त तक मोहर्रम के मौके पर किसी भी तरह का जुलूस, ताजिया और मातम मनाने के कार्यक्रम पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नमाज आदि मस्जिद के भीतर कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए ही की जाएगी। इसके अलावा 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से ऊपर के व्यक्तियों को अपने घर में ही नमाज अदा करने के लिए कहा गया है।

कर्नाटक सरकार की ओर से 12 अगस्त से 20 अगस्त तक के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। किसी भी तरह का मोहर्रम जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सरकार के आदेश के अनुसार कब्रिस्तान में किसी भी तरह के कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। वहीं मस्जिद में नमाज पढ़ने आने वाले लोगों से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और सभी जरूरी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है।
सरकार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि गणेश चतुर्थी के मौके किसी भी तरह का पंडाल नहीं लगाया जाएगा और ना किसी भी तरह के मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति होगी। गणेश जी की मूर्ति को एक निश्चित स्थान पर ही विसर्जित करने की अनुमति होगी। जिन मंदिरों में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा उसे हर रोज अच्छे से सैनिटाइज किया जाना अनिवार्य है। मंदिरों में आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से खुद को सैनेटाइज करना होगा,साथ ही हर व्यक्ति की थर्मल जांच की व्यवस्था की जाएगी। हाथ सैनेटाइज करने और थर्मल जांच के बाद ही लोगों को मंदिर में जाने की अनुमति होगी।












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