कर्नाटक चुनाव: भाजपा छोड़कर गोपालकृष्‍ण ने ज्‍वाइन की कांग्रेस, 2018 में टिकट ना मिलने पर छोड़ी थी पार्टी

कर्नाटक चुनाव से पहले भाजपा को अलविदा कर गोपालकृष्‍ण ने सोमवार को कांग्रेस ज्‍वाइन कर ली है। 2018 के पहले चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर ज्‍वाइन की थी भाजपा।

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सत्‍तारुढ़ पार्टी भाजपा को बड़ा झटका लगा है।भाजपा के वरिष्‍ठ कुदलिगी से विधायक एनवाई गोपालकृष्‍ण सोमवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। शुक्रवार को उन्‍होंने विधायक पद से इस्‍तीफा दे दिया था। गोपालकृष्‍ण ने सोमवार को कांग्रेस की सदस्‍यता कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख डीके शिवकुमार की मौजूदगी में ली।

भाजपा छोड़कर गोपालकृष्‍ण के कांग्रेस ज्‍वाइन करने पर डीके शिवकुमार ने कहा कि 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और जद (एस) के कई नेताओं का बड़ी पुरानी पार्टी में शामिल होना इस बात का सबूत है कि जनभावना पार्टी के पक्ष में है और यह शक्ति पार्टी के पक्ष में परिणाम लेकर आएगी।

कुदलिगी से विधायक एनवाई गोपालकृष्‍ण ने शुक्रवार को विधायक पद से इस्तीफा दिया था। उनका पार्टी में स्‍वागत करते हुए शिवकुमार ने कहा भाजपा और जेडीएस के कई नेता हमारी पार्टी में आना चाहते हैं हमारे दरवाजे पर दस्‍तक दे रहे हैं। शिवकुमार ने कहा यह इस बात का सबूत है कि राज्य के लोगों की आवाज कांग्रेस के पक्ष में है और हमारा मार्च सही रास्ते पर है।

कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष और पूर्व मंत्री शिवकुमार ने कहा गोपालकृष्ण ने भाजपा विधायक के रूप में इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे और जेडीएस के विधायक के एम शिवलिंग गौड़ा ने भी इस्तीफा दे दिया था और जल्द ही पार्टी में शामिल होंगे।

डीके शिवकुमार के अनुसार कांग्रेस द्वारा भाजपा और जेडएस के विधायकों की स्वेच्छा से कांग्रेस में शामिल होना "बड़ा सबूत" है कि लोगों ने "डबल इंजन सरकार की विफलता" के बाद बदलाव का फैसला किया है।
उन्‍होंने कहा उन लोगों की एक लंबी लिस्‍ट है जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं।

हालांकि उन्‍होंने साफ किया कि कांग्रेस पार्टी ने किसी भी टिकट की गारंटी नहीं दी है। हम हर नाम की जांच करेंगे और केवल तभी विचार करेंगे जब हम उन्हें समायोजित करने में सक्षम होंगे।" जो इसके लिए काम करने के लिए बिना शर्त पार्टी में शामिल होने को तैयार हैं।

बता दे भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए गोपालकृष्ण छह बार के विधायक रह चुके हैं। भाजपा के टिकट से 2018 में कुदलिगी से जीतने से पहले कांग्रेस के टिकट पर चार बार चित्रदुर्ग जिले के मोलाकलमुरु विधानसभा सीट से चुने गए थे, साथ ही एक बार बल्लारी से चुने गए थे।

2018 में कांग्रेस द्वारा टिकट ना दिए जाने के बाद गोपालकृष्‍ण चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए। क्योंकि वरिष्ठ नेता श्रीरामुलु विजयनगर जिले के कुदलिगी से चुनाव लड़ रहे थे, इसलिए भगवा पार्टी ने मोलाकलमुरु के बजाय इसे चुना। वहां से उनकी जीत हुई थी।

गोपालकृष्ण ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्‍होंने कांग्रेस से अपने परिवार के लंबे जुड़ाव का हवाला देते हुए बल्लारी, चित्रदुर्ग और विजयनगर जिलों में पार्टी की जीत के लिए काम करेंगे। उन्‍होंने कहा यह पार्टी नेतृत्व पर निर्भर है कि वह मोलाकलमुरु विधानसभा क्षेत्र से उन्हें नामित किया जाएगा या नहीं।

बता दें भाजपा के दो विधायक पुत्तन्ना और बाबूराव चिंचानसुर ने कांग्रेस में शामिल होने के लिए इससे पहले विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था।

वहीं 27 मार्च को विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद जेडीएस के चार बार विधायक रहे एस आर श्रीनिवास भी कांग्रेस में शामिल हो गए थे जिससे जेडीएस को बड़ा झटका लगा था।

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