Karnataka Congress: क्या खड़गे-डीके और सिद्धारमैया की बैठक में CM पद पर चर्चा नहीं? MP बोले- courtesy call थी
Karnataka Congress के नेताओं के बीच नए सीएम को लेकर पर क्या बातें हुईं? इस बारे में स्पष्ट बयान नहीं आया है। खड़गे-डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया की मुलाकात को एक सांसद ने बैठक की बजाय courtesy call करार दिया है।

Karnataka Congress के तमाम नेता सधे हुए अंदाज में सियासी बयान दे रहे हैं। खुद कांग्रेस पार्टी के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे भी कर्नाटक से हैं। ऐसे में पार्टी कोई भी ऐसा बयान देना या कदम उठाना नहीं चाहती, जिससे 135 सीटें जीतने वाली कांग्रेस की किरकिरी हो।
चार दिन में भी नहीं चुना जा सका विधायक दल का नेता
13 मई को चुनावी नतीजों का ऐलान होने के बाद चार दिनों से इस सवाल पर मंथन हो रहा है कि कर्नाटक में अगला सीएम कौन बनेगा? इस सवाल का जवाब चुनावी नतीजों की घोषणा के चार दिन बाद भी नहीं मिलना, हाईप्रोफाइल नेताओं के टकराव का संकेत भी माना जा रहा है।
खड़गे के साथ बैठक में क्या बातें हुईं
इसी बीच कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने पूर्व CM सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की पार्टी सुप्रीमो खड़गे के साथ अलग-अलग मीटिंग के बारे में कहा, कोई बैठक नहीं हुई, औपचारिक मुलाकात के दौरान पार्टी सुप्रीमो खड़गे को कर्नाटक इलेक्शन का फीडबैक दिया गया।
कर्नाटक के भविष्य का फैसला कांग्रेस आलाकमान के हाथ!
अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल पर नासिर हुसैन ने कहा, कांग्रेस आलाकमान परामर्श कर रहा है, कल भी Consultation जारी रहेगा। जल्द ही बड़ी घोषणा की जाएगी।
सभी नेताओं के एक सुर- जल्द बड़ी घोषणा होगी
इससे पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के पूर्व डिप्टी सीएम परमेश्वरन और कर्नाटक में कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला जैसे वेटरन कांग्रेसी नेताओं के बयान सामने आ चुके हैं। सभी बयानों में 'जल्द घोषणा होगी' कॉमन है।
खड़गे करेंगे अंतिम फैसला
गौरतलब है कि कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने 135 सीटें जीती हैंं। बहुमत से भी अधिक सीटें जीत चुकी कांग्रेस के सामने CM कौन का सवाल है। चुने गए MLA की मीटिंग में अंतिम फैसला खड़गे पर छोड़ने की बात कही गई थी।
पूर्व CM की दावेदारी डीके से अधिक मजबूत क्यों
75 साल के सिद्धारमैया की दावेदारी इसलिए मजबूत मानी जा रही है क्योंकि वे सभी वर्गों को एक साथ जोड़ने में माहिर माने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के पिछले कार्यकाल की परफॉर्मेंस भी मजबूत आधार है।
दो दिग्गजों के बीच एक नाम का चुनाव आसान काम नहीं
61 साल के डीके शिवकुमार के सिर कामयाबी का ताज इसलिए क्योंकि कांग्रेस पार्टी के प्रमुख के रूप में इनके कार्यकाल में कांग्रेस ने 34 साल बाद इतनी बड़ी सफलता पाई है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच चुनाव सचमुच लिटमस टेस्ट बनता जा रहा है।










Click it and Unblock the Notifications