Karnataka: मुझे नहीं चाहिए उपमुख्यमंत्री का पद, आला कमान का फैसला स्वीकार- डीके शिवकुमार
नई दिल्ली। कर्नाटक में मंत्रालय के बंटवारे को लेकर जेडीएस-कांग्रेस के बीच चल रही तकरार के बीच उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि जल्द ही इसको लेकर संशय की स्थिति खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट विस्तार और मंत्रालय के बंटवारे को लेकर जल्द ही कांग्रेस-जेडीएस के बीच भ्रम की स्थिति खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही दोनों दल इस पर अंतिम फैसला लेंगे और हर तरह की अटकलों पर विराम लग जाएगा।

मंत्रालय के बंटवारे पर कोई विवाद नहीं
परमेश्वर ने कहा कि यह दो दलों के बीच गठबंधन की सरकार है, हमने इस बात का फैसला लिया है कि जेडीएस को 12 मंत्रालय दिए जाएंगे और कांग्रेस के खाते में 22 मंत्रालय आएंगे। हम इसी तरह से मंत्रालय का भी आवंटन करेंगे, जिससे कि किसी भी तरह का कोई भ्रम ना रहे। पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हम जल्द ही हर तरह के भ्रम को खत्म कर देंगे और मंत्रालय को लेकर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।

मिलकर करेंगे मंत्रालय का बंटवारा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों दलों के नेताओं के बीच मंत्रालय के बंटवारे और कैबिनेट विस्तार को लेकर लगातार बातचीत जारी है। यह मुलाकात कुमारस्वामी के 23 मई को सदन में बहुमत साबित करने के बाद से ही 25 मई से जारी है। सूत्रों का कहना है कि दोनों ही दल अभी तक आम राय नहीं बना सके हैं, इसकी बड़ी वजह यह है कि दोनों दल वित्त मंत्रालय को अपने पास रखना चाहते हैं। वहीं जब परमेश्वर से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्रालय का बंटवारा दोनों दल मिलकर करेंगे।

मंत्रालय के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी
मंत्रालय के बंटवारे के सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि मंत्रालय के बंटवारे का फैसला कोई एक दल अकेले नहीं ले सकता है, अगर ऐसा होता तो मेरे मंत्रालय का ऐलान अबतक हो चुका होता। यह ऐलान अभी तक इसलिए नहीं हो सका है क्योंकि अभी तक दोनों दलों के बीच बात नहीं हुई, इसी वजह से इसमे देरी हो रही है। आपको बता दें कि परमेश्वर ने बतौर मुख्यमंत्री 23 मई को शपथ ली थी, इस दौरान देशभर के शीर्ष नेता मौजूद थे।

शिवकुमार ने तनातनी से किया इनकार
पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से दोनों दलों के बीच तनातनी की खबरें सामने आई उसपर परमेश्वर ने कहा कि इस मसले पर कोई भी विवाद नहीं है, हम जल्द ही इसपर अंतिम फैसला ले लेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार जिन्हे भाजपा के फ्लोर टेस्ट के खिलाफ अहम नेता माना जाता है कहना है कि मुझे उम्मीद है कि जल्द ही हर तरह का भ्रम खत्म हो जाएगा। माना जा रहा था कि शिवकुमार इस बात को लेकर नाराज थे कि उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद नहीं मिला। उन्होंने कहा था कि दोनों पार्टियां बड़े मकसद के लिए एक साथ आई हैं, हमारा लक्ष्य लोगों के हित के लिए काम करना है। आला कमान इस बात का फैसला लेंगे, जिसके बाद किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। शिवकुमार से जब पूछा गया कि वह उर्जा मंत्रालय की मांग कर रहे हैं तो उन्होंने इसे झूठी खबर बताते हुए खारिज कर दिया।
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