कर्नाटक फ्लोर टेस्ट से पहले स्पीकर बोपैया की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट सुबह 10.30 बजे करेगी सुनवाई
बेंगलुरू। कर्नाटक की राजनीति में शनिवार का दिन बहुत अहम होने वाला है। जहां एक तरफ बीजेपी को सदन में अपना बहुमत साबित करना है तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट एक बार फिर कांग्रेस की एक याचिका पर सुनवाई करेगी। कर्नाटक प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैया नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट शनिवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई करेगी। प्रोटेम स्पीकर बोपैया की नियु्क्ति के खिलाफ कांग्रेस के वकील शुक्रवार रात को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जिसके बाद उनकी मांग को स्वीकार कर लिया गया।

केजी बोपैया के बारे में बता दें कि ये भारतीय जनता पार्टी के विधायक रह चुके हैं, जिन्हें शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा के शनिवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट के लिए प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। केजी बोपैया 2009 से 2013 तक कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर रह चुके हैं। विराजपेट से भाजपा के विधायक केजी बोपैया के स्पीकर रहते 2010 में येदुरप्पा का विश्वास मत काफी विवादास्पद रहा था।
अक्टूबर 2010 में बोपैया ही स्पीकर थे जब येदुरप्पा के विश्वास मत हासिल करने पर तब के कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने सवाल उठाया था और उन्हें दोबारा विश्वास मत हासिल करने को कहा था। विश्वास मत काफी कांग्रेस के हंगामे के बीच लाया गया था।
अक्टूबर 2010 में बोपैया ही स्पीकर थे जब येदुरप्पा के विश्वास मत हासिल करने पर तब के कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने सवाल उठाया था और उन्हें दोबारा विश्वास मत हासिल करने को कहा था। विश्वास मत काफी कांग्रेस के हंगामे के बीच लाया गया था।
कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट होगा, जिसमें बीजेपी को अपना बहुमत साबित करना होगा। बीजेपी पूरे आत्मविश्वास के साथ कह रही है कि उनके पास पर्याप्त विधायक है और वे सदन में बहुमत हासिल कर कर्नाटक की जनता को जश्न मनाने का मौका देगी। वहीं, कांग्रेस-जेडी(एस) भी अपनी तरफ से बहुमत को लेकर पूरी तरह से संतुष्ट है। हालांकि, कांग्रेस जेडी(एस) का आरोप है कि बीजेपी ने उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश की है और उनके विधायकों के पास बीजेपी के फोन आ रहे हैं।












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