Kargil Vijay Diwas: क्या था ऑपरेशन सफेद सागर? जब कारगिल की ऊंचाइयों पर दुश्मन की मौत बनकर गरजे फाइटर जेट
Kargil Vijay Diwas 2025: हमारे देश में हर साल 26 जुलाई का दिन 'कारगिल विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है। साल 1999 में जब पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर कब्जा जमाने की कोशिश की, तब भारतीय सेना के रणबांकुरों ने अदम्य साहस के साथ जवाब दिया।
करीब 60 दिनों तक चले इस भीषण युद्ध में हमारे जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन को शिकस्त देकर भारत का परचम फिर से लहराया। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय थल सेना ने जहां ऑपरेशन विजय चलाकर दुश्मन से कब्जा छुड़ाया, वहीं भारतीय वायु सेना ने ऑपरेशन सफेद सागर के जरिए एक अहम भूमिका निभाई।

यह ऑपरेशन 1999 में पाकिस्तान के सैनिकों और आतंकियों द्वारा कश्मीर के कारगिल सेक्टर की चोटियों पर कब्जा करने के बाद शुरू किया गया था।
पहली बार बड़े स्तर पर वायु सेना ने दिखाई ताकत
ऑपरेशन सफेद सागर के तहत IAF ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर वायु शक्ति का इस्तेमाल किया, जिसमें मिराज 2000, मिग-21, मिग-29, मिग-27, जगुआर और MI-17 हेलीकॉप्टर जैसे एयरक्राफ्ट ने भाग लिया। भारतीय वायु सेना ने दुश्मन के बंकरों, हथियार डिपो और सप्लाई लाइनों को टारगेट कर भारी नुकसान पहुंचाया।
इन मिशनों को समुद्र तल से 16,000 फीट की ऊंचाई पर अंजाम दिया गया, जहां पत्थरीली और बर्फीली चोटियों के कारण रनवे जैसी जमीन नहीं थी। इसके बावजूद, IAF के पायलटों ने अद्भुत सटीकता के साथ हमला किया, जिससे युद्ध का रुख भारत के पक्ष में मुड़ा।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए बिना दुश्मन को जवाब दिया
ऑपरेशन सफेद सागर ने यह साबित किया कि सीमित युद्ध में भी वायु शक्ति निर्णायक साबित हो सकती है, और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए बिना भी दुश्मन को जवाब दिया जा सकता है।
500 से अधिक घुसपैठियों को मार गिराया
इस ऑपरेशन ने भारतीय सेना को जमीन पर आगे बढ़ने में मदद की। भारतीय वायुसेना ने दुश्मन की आपूर्ति लाइनों को बाधित कर दिया, जिससे पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। अनुमान है कि लगभग 500 से अधिक घुसपैठिए मारे गए थे, जबकि अन्य भाग गए।
मिशन का नाम ऑपरेशन सफेद सागर क्यों दिया?
26 जुलाई 1999 को भारत ने आधिकारिक तौर पर कारगिल में अपनी जीत की घोषणा की। यह अभियान भारतीय इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन गया। कारगिल की ऊंची चोटियां आमतौर पर बर्फ से ढकी रहती हैं। वायुसेना द्वारा बमबारी के दौरान, सफेद बर्फ के बीच से उठने वाला धुआं और विस्फोटों का दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे किसी बर्फीले सागर में तूफान आ गया हो। इसलिए, इस मिशन को 'ऑपरेशन सफेद सागर नाम दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications