'चाइनीज हम से संपत्ति बटोरकर हमारे जवानों का सीना छलनी करते हैं, इनका बहिष्कार करो'
नई दिल्ली: लद्दाख से लगती सीमाओं पर चीन अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में है। कई बार चीनी सेना ने कोशिश भी की, लेकिन भारतीय सेना ने बिना गोली चलाए ही उसे मुंहतोड़ जवाब दिया। इस बीच गलवान घाटी में 20 भारतीय जवान शहीद भी हुए। इस घटना के बाद से ही देशभर में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम चल रही है। जिसको लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी लोगों से एक खास अपील की है।

युद्ध सिर्फ सेना या सरकार का?
अपने वीडियो मैसेज में कंगना ने कहा कि अगर कोई हमारी अंगुलियां काटने की कोशिश करे तो किस तरह का कष्ट होगा हमको, इसी तरह का कष्ट चीन ने लद्दाख में अपनी लालची नजरे गड़ाते हुए हमें पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि वहां पर भारत की जमीन का एक-एक इंच बचाते हुए भारतीय सेना के 20 वीर सपूत शहीद हो गए, क्या आप उनकी मां के आंसू, विधवाओं की चीखें, उनके बच्चों के दिए बलिदान को भूल पाएंगे। क्या ये सोचना सही है कि सीमा पर जो युद्ध होता है, वो सिर्फ सेना या फिर सरकार का होता है, उसमें हमारी कोई भागीदारी नहीं होती।

'लद्दाख सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं'
कंगना ने महात्मा गांधी की एक बात भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि अगर अंग्रेजों की रीढ़ तोड़नी है, तो उनके बनाए सामान का बहिष्कार करना चाहिए, तो क्या ये जरूरी नहीं है कि हम भी इस युद्ध में हिस्सा लें। कंगना ने कहा कि लद्दाख सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं है, वो भारत की अस्मिता का एक बहुत बड़ा हिस्सा है। इस वजह से हम दुश्मन को उसके गंदे इरादे में कामयाब नहीं होने दे सकते। ऐसे में हमें चाहिए कि हम चीन के सारे उत्पादों का बहिष्कार करें। साथ ही उन कंपनियों का भी बहिष्कार जरूरी है, जिसमें चीनी कंपनियों का निवेश है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल हालात में हमें प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि हम आत्मनिर्भर बनेंगे और चाइनीज सामान का बहिष्कार करेंगे।
View this post on Instagram"We have to stand together, unite, and collectively fight this war against China!" #अब_चीनी_बंद
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चीन को अरबों का नुकसान
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कुल आयात का 14 प्रतिशत सिर्फ चीन होता है। पिछले साल अप्रैल से इस साल फरवरी तक भारत ने चीन से 62.4 अरब डॉलर का सामान आयात किया था। इसके साथ ही 15.5 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया था। गलवान घाटी में हुई झड़प में भारतीय सेना के कमांडिंग ऑफिसर समेत 20 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद से पूरे देश में गुस्से का माहौल है। इस बीच देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम चल रही है। वहीं रेलवे, BSNL समेत तमाम सरकारी उपक्रमों ने भी चीनी कंपनियों को दिए अरबों के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया है।












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