नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कमल हासन ही पार्टी
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। असम और पश्चिम बंगाल के बाद राजधानी दिल्ली में भी हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले। कई विपक्षी पार्टियां पहले से ही इस कानून का विरोध कर रही थीं। अब दक्षिण भारतीय अभिनेता कमल हासन की पार्टी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि माइम (एमएनएम) ने आज सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिका दायर की है।

बिल पर क्या बोले कमल हासन?
इससे पहले कमल हासन ने नागरिकता संशोधन कानून की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि भारत को किसी एक संप्रदाय के लिए देश का निर्माण करना बेवकूफी है। युवा वर्ग जल्द ही इसे खारिज कर देगा। कमल हासन ने कहा था कि जिस तरह स्वस्थ व्यक्ति पर सर्जरी करना अपराध है उसी प्रकार बिना गलती संविधान में बदलाव करना भी अपराध माना जाना चाहिए।
'सिरे से खारिज कर देंगे'
उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि यह 21वीं सदी का भारत है यहां आदिम जमाने की योजनाओं को युवा स्वीकार नहीं करेंगे और नागरिकता संशोधन विधेयक को सिरे से खारिज कर देंगे। हमारा कर्तव्य है कि अगर कोई त्रुटि हुई तो संविधान में संशोधन करना, लेकिन निर्दोष संविधान में संशोधन करने का प्रयास एक विश्वासघात है। स्वस्थ व्यक्ति की सर्जरी करने में फेल हुए लोग एक बार फिर वही प्रयास कर रहे हैं।

क्या है बिल?
इस बिल के तहत तीन पड़ोसी देश (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश) में रहने वाले गैर मुस्लिम समुदाय के लोग 6 साल तक भारत में रहने के बाद यहां की नागरिकता हासिल कर सकते हैं। हालांकि बिल में इन तीन देशों से आने वाले मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है।
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