वीरप्पन को ठिकाने लगाने वाले अफसर को मिली सुकमा में नक्सलियों का सफाया करने की कमान
केंद्र सरकार ने सुकमा में नक्सलियों के सफाए के लिए ऐसे अफसर को कमान दी है जिसने वीरप्पन को भी धूल चटा दी थी।
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ स्थित सुकमा में हुए नक्सली हमले में 25 जवानों की शहादत का बदला ले ने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी तीर कमान से निकाल लिया है। भारत सरकार ने जिस अफसर को सुकमा में नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए चुना है उसने तीन राज्यों में चंदन की तस्करी करने वाले वीरप्पन का खात्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।


ये है वो अफसर
सुकमा में नक्सलियों को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी रिटायर्ड के. विजय कुमार को चुना है।

पहुंच गए सुकमा
विजय कुमार 29 अप्रैल को ही सुकमा पहुंच गए हैं। विजय कुमार के साथ बस्तर रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा भी पहुंचे हुए हैं। माना जा रहा है कि नक्सलियों के समूचे खात्मे के लिए निर्णायक रणनीति बनाएंगे।

विजय कुमार का इतिहास रहा है शानदार
केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) में डायरेक्टर जनरल रहे विजय कुमार का इतिहास नक्सलियों की रीढ़ तोड़ने के मामले में काफी बेहतर रहा है। गौरतलब है कि 2010 में छत्तीसगढ़ के ही दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में ही 76 जवानों की शहादत के बाद भी विजय कुमार के ही बताए रास्ते पर चल कर नक्सलियों को करारा जवाब दिया था।

2010 में ऐसे लिया था बदला
उस वक्त टेक्निकल टीम, इंटेलीजेंस विंग, लोकल इंटेलीजेंस, डॉग स्क्वायड समेत कई अन्य टीमो के बीच कोआर्डिनेशन बना कर नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जिसके बाद कई बड़े क्सलियों के लीडरों का सफाया किया जा सका था।
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