बेटे की परीक्षा के बहाने के. कविता ने मांगी थी बेल, कोर्ट ने क्यों कर दिया इनकार?
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी के. कविता की अंतरिम जमानत याचिका सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज कर दी। अदालत ने ये भी कहा कि के. कविता 'कमजोर' महिला नहीं हैं। तेलंगाना के पूर्व सीएम KCR की बेटी के. कविता ने अपने बेटे की परीक्षा का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी।
दरअसल ED ने कविता की जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि कहा कि वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती हैं। इसके साथ ही गवाहों को भी प्रभावित कर सकती हैं। कोर्ट ने कहा कि के कविता ने गवाहों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आगे भी इसकी पूरी संभावना है।

राउज एवेन्यू कोर्ट के लिखित आदेश के मुताबिक, बीआरएस नेता इस मामले में अहम सबूतों को खत्म करने में शामिल रही हैं। उन्होंने जांच में शामिल में शामिल होने से पहले फोन को फॉर्मेट कर सबूतों को नष्ट कर दिया है।
अदालत ने कहा, "किसी भी मानक के आधार पर आवेदक को एक 'कमजोर' महिला नहीं कहा जा सकता, जिसे कथित अपराध करने के लिए बलि का बकरा बनाया जा सकता है। बल्कि, वह निस्संदेह एक अच्छी तरह से शिक्षित और समाज में अच्छी स्थिति वाली महिला है।"
इससे पहले के. कविता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 45 के उस प्रावधान का हवाला दिया जिसके तहत अदालत, पीएमएलए मामलों में कठोर जमानत शर्तों के बावजूद महिला-आरोपी को जमानत पर रिहा करने की अनुमति देती है।
उन्होंने कोर्ट से कहा कि उनके बेटे को मां के मॉरल और इमोशनल सपोर्ट की जरूरत है। सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'परीक्षा के दौरान बच्चों पर पड़ने वाले दबाव' वाले बयानों का भी जिक्र किया। सिंघवी ने इस बात पर भी जोर दिया की कविता के पति अभी खुद दिल्ली में कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं।
इस पर ईडी की ओर से पेश वकील ने कहा, "यह उस महिला के लिए नहीं है जो सार्वजनिक जीवन में हैं और राज्य की अग्रणी राजनेता हैं।" वकील ने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे कविता इस मामले में मुख्य आरोपियों में से एक हैं।
बाद में अदालत ने भी के कविता के वकील अभिषेक मनु सिंघवी की दलीलों में दम नहीं पाया। कोर्ट ने कहा- के कविता के बच्चे का एक बड़ा भाई-बहन, उसके पिता और मौसी भी हैं। इस बात का कोई नैतिक आधार नहीं है ये सभी करीबी रिश्तेदार बच्चों को परीक्षा के दौरान मोरल सपोर्ट नहीं देंगे।
अदालत ने आगे कहा कि यह तर्क कि वे बच्चे की परीक्षा संबंधी चिंता को दूर करने के लिए मां का विकल्प नहीं बन सकते, अंतरिम जमानत देने के लिए "बाध्यकारी" कारण नहीं है। आपको बता दें कि ईडी ने दिल्ली शराब नीति केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कविता को 15 मार्च को हैदराबाद के बंजारा हिल्स से गिरफ्तार किया था।
इसके बाद वह 23 मार्च तक ED की हिरासत में थीं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 26 मार्च को उन्हें 9 अप्रैल तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा था। तब से कविता तिहाड़ जेल में हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को कविता को जमानत देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट में जाने का निर्देश दिया था।












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