Joshimath Crisis:पीएम मोदी पर बरसे मल्लिकार्जुन खड़गे, बोले- Don't Shoot The Massenger!
Joshimath Crisis: उत्तराखंड के जोशीमठ के बाद जिस तरह से कर्णप्रयाग में भी जमीन धंसने की खबर सामने आई है उसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो जानकारी दे रहे हैं उन्हें

Joshimath Crisis: जोशीमठ में जिस तरह से जमीन नीचे धंस रही है और लोगों के घरों में दरार आ रही है उसको लेकर संकट लगातार बना हुआ है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के आदेश की प्रति को शेयर करते हुए लिखा, जोशीमठ के बाद अब कर्णप्रयाग व टेहरी गढ़वाल में भी मकानों में दरारों की खबर आ रही है। विपदा का समाधान और जनता की समस्याों के निदान की बजाए सरकारी एजेंसियों को इसरो की रिपोर्ट पर पाबंदी और मीडिया से बातचीत पर रोक लगाई जा रही है। नरेंद्र मोदी जी कृपया जानकारी देने वाले को मत मारिए।
बता दें कि जोशीमठ के बाद कर्णप्रयाग में भी घरों के भीतर दरारें देखने को मिली हैं। इससे पहले जोशीमठ में घरों में दरार आने के बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। जोशीमठ में दो होटलों को भी गिराने का आदेश दे दिया गया है। मलारी इन और माउंट व्यू नाम के दो होटल को तोड़ने का आदेश दे दिया गया है। जिसके बाद शुक्रवार को इसे गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई। दोनों ही होटल जमीन धंसने से एक दूसरे पर झुक गए थे।
वहीं चमोली जिला प्रशासन ने गुरुवार की शाम को कर्णप्रयाग के 8 परिवारों को नोटिस देकर उन्हें घर खाली करने को कहा है। इन घरों को रहने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। जमीन धंसने की वजह से इन घरों में दरार आई है। कर्णप्रयाण के नायब तहसीलदार ने कहा कि हमने 8 परिवारों को घर खाली करने का नोटिस दिया है क्योंकि यह घर अब सुरक्षित नहीं हैं। इन परिवारों को नगर पालिका बोर्ड की ओर से संचालित आश्रय घर में स्थानांतरित किया जा रहा है।
वहीं जमीन धंसने से प्रभावितों की मदद का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर संभव मदद करने की बात कही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह इस संकट से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करेंगे। गौर करने वाली बात है कि इस मसले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई है। खुद प्रधानमंत्री मोदी पुष्कर सिंह धामी से इस पूरे संकट की जानकारी ले रहे हैं। चमोली में अब तक 223 परिवारों को राहत शिविर में भेजा जा चुका है। अभी तक कुल 782 घरों में दरारें देखने को मिली हैं, जिसमे से 148 घरों को असुरक्षित घोषित किया गया है।












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