JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष का गंभीर आरोप- दिल्ली पुलिस से की थी बाहरी लोगों के कैंपस में दाखिल होने की शिकायत लेकिन...
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में नकाबपोश हमलावरों ने जमकर उत्पात किया। लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर कैंपस में घुस आए हमलावरों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। लेफ्ट विंग स्टूडेंट्स और एबीवीपी एक दूसरे को हमले के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। इस हमले में जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष को भी गंभीर चोट आई है। सभी घायल छात्रों को एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनको छुट्टी दे दी गई है। इस पूरे प्रकरण में दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस से की थी शिकायत- आइशी घोष
एनडीटीवी से बात करते हुए आइशी घोष ने बताया, 'दोपहर में ही इसकी सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग कैंपस में घुस आए हैं, जिसके बाद करीब ढाई बजे पुलिस से हम लोगों इस बारे में शिकायत की। हमने पुलिस से कहा कि हम लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, वह लोग बाहर से अंदर कैसे आ गए? ये सब वीसी के कारण हुआ, उनको इस्तीफा दे देना चाहिए, HRD मिनिस्ट्री को उनको हटाना चाहिए।'

15-16 टांके लगे हैं, हाथ में चोट लगी है- आइशी
आइशी ने बताया कि उनको 15-16 टांके लगे हैं, हाथ में चोट लगी है। जेएनयूएसयू की अध्यक्ष ने कहा, 'जेएनयूटीए का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, हम शांति की अपील कर रहे थे। 4-5 दिन से इस तरह की माहौल था। हमलावरों ने लोहे की रॉड से हमला किया, कुछ छात्र निशाने पर थे, जबकि कुछ अन्य छात्रों को भी निशाना बनाया गया।' बता दें कि जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष समेत 30 से ज्यादा छात्र इस हमले में घायल हुए हैं। छात्रों के अलावा कुछ शिक्षकों को भी चोट आई है।

ABVP ने भी लगाए लेफ्ट विंग पर आरोप
दूसरी तरफ, ABVP के जेएनयू यूनिट के प्रेसिडेंट दुर्गेश कुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। दुर्गेश कुमार ने कहा कि रजिस्ट्रेशन का अंतिम दिन था। एबीवीपी के छात्र कार्यकर्ता सुबह रजिस्ट्रेशन कराने गए थे तो पता चला कि उन्होंने (लेफ्ट विंग स्टूडेंट्स) कल से ही इंटरनेट कनेक्शन ही काट दिया था। दुर्गेश कुमार ने कहा कि रजिस्ट्रेशन की मांग को लेकर छात्र स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के पास एकत्र थे। तभी नकाबपोश लेफ्ट विंग के सैकड़ों कार्यकर्ता आए और हमला बोल दिया।












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