दोस्त की जान बचाने को ऑक्सीन सिलेंडर लेकर 24 घंटे में किया 1300 किमी का सफर, झारखंड से आया गाजियाबाद
नई दिल्ली, 28 अप्रैल: कोरोना संक्रमण इस समय देश में तबाही मचा रहा है। एक और संक्रमण बढ़ रहा है तो वहीं अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी है। ऑक्सीजन ना होने की बात कहकर अस्पताल मरीज के परिजनों को ही इंतजाम करने को कह रहे हैं। ऐसे मुश्किल समय में किस तरह से लोग एक दूसरे की मदद कर रहे है, इसकी एक बानगी झारखंड के देवेंद्र शर्मा ने दिखाई है। देवेंद्र को जब पता चला कि गाजियाबाद में भर्ती उनको कोरोना पॉजिटिव दोस्त को ऑक्सीजन की जरूरत है तो वो 24 घंटे में झारखंड से गाजियाबाद आ गए, साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम भी कर लाए।

झारखंड के रहने वाले हैं दोनों दोस्त
देवेंद्र शर्मा और संजय सक्सेना झारखंड के बोकारो के रहने वाले हैं। देवेंद्र बोकारो में ही रहते हैं जबकि संजय सक्सेना दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रहे रहे हैं। संजय सक्सेना हाल ही में कोरोना पॉजिटिव हो गए थे, जिसके बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। संजय अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे लेकिन 24 अप्रैल को अस्पताल ने कह दिया कि ऑक्सीजन ज्यादा से ज्यादा 24 घंटे और चलेगी, इसके बाद वो कुछ नहीं कर सकते। ऑक्सीजन का इंतजाम मरीज के परिजन को करना होगा।

कहीं नहीं मिली ऑक्सीजन को देवेंद्र को किया गया फोन
संजय के परिजनों ने दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा में ऑक्सीजन के लिए तमाम कोशिशें की लेकिन उनको कहीं ऑक्सीजन नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने संजय के दोस्त देवेंद्र को फोन किया और बताया कि उनके दोस्त की जान खतरे में है। इतना सुनते ही देवेंद्र ने अपनी बाइक स्टार्ट की और रात में करीब 150 किमी चलकर रांची पहुंचे। यहां उन्होंने ऑक्सीजन की तलाश की तो उनको झारखंड गैस प्लांट में ऑक्सीजन मिल गई। खास बात ये रही कि प्लांट के मालिक ने देवेंद्र से जब ये सुना कि वो गाजियाबाद जा रहे हैं तो उन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर के पैसे भी नहीं लिए।

ऑक्सीजन लेकर रांची से आए गाजियाबाद
रांची तक मोटरबाइक से आने और ऑक्सीजन सिलेंडर मिल जाने के बाद देवेंद्र के सामने परेशानी ये थी कि गाजियाबाद कैसे पहुंचा जाए। आखिर उन्होंने एक टैक्सी ली और सिलेंडर रखकर चल गए। 24 घंटे के सफर के बाद 25 अप्रैल को वो गाजियाबाद के वैशाली पहुंचे। यहां उन्होंने दोस्त को सिलेंडर दिए। उनके दोस्त संजय की सेहत में सुधार हुआ और उन्हें पता चला कि वो रांची से सिलेंडर लाए हैं तो संजय की आंखों में आंसू आ गए। अस्पताल में भी जिसको पता चला, उसी ने देवेंद्र की तारीफ की। अब सोशल मीडिया पर भी ये चर्चा में है।












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