मणिपुर की इस सीट पर JDU-BJP आमने सामने, जानिए क्यों हो रही है 'सुपर कॉप' बृंदा की चर्चा
गुवाहटी, फरवरी 26। मणिपुर की 'सुपर कॉप' लेडी बृंदा थौनाओजम के खिलाफ देश के गृहमंत्री अमित शाह चुनाव प्रचार करते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, जेडीयू के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरीं बृंदा थौनाओजम इंफाल ईस्ट की यास्कुल सीट से अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला मौजूदा विधायक थोकचोत सत्यब्रत से है, जो बीजेपी के हैं। इस सीट को बचाने के लिए अमित शाह यहां पर घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं।
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ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई लड़ चुकी हैं बृंदा
मणिपुर में बृंदा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमित शाह खुद उनके खिलाफ प्रचार कर रहे हैं, लेकिन इससे बृंदा को बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ रहा है। उनका कहना है कि यह तो मेरे लिए प्रशंसा की बात है कि बीजेपी ने मेरे खिलाफ देश के गृहमंत्री को प्रचार के लिए उतार दिया है। मणिपुर में ड्रग के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़ने वालीं बृंदा का कहना है कि वो राज्य में ड्रग्स और करप्शन के खिलाफ लोगों की आवाज बनने की कोशिश कर रही हैं और इसीलिए उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है। बृंदा का कहना है कि एक पुलिसकर्मी होते हुए मैं लोगों के लिए इतना कुछ नहीं कर पाई, लेकिन एक नेता बनने के बाद मैं उनकी समस्याओं को जरूर दूर करूंगी।

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से भी भिड़ चुकी हैं बृंदा
आपको बता दें कि बृंदा थौनाओजम मणिपुर की काफी चर्चित IPS अफसर रही हैं। उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया है। इसके अलावा बृंदा को मणिपुर में ड्रग्स के खिलाफ एक लंबी लड़ाई लड़ने के लिए जाना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बृंदा जब पुलिस विभाग में होते हुए ड्रग्स के खिलाफ ऑपरेशन चला रही थीं तो राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से उनकी अनबन की खबरें आई थीं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री लेवल तक के नेता उनकी कार्रवाई में हस्तक्षेप कर रहे थे। इसी वजह से नाराज होकर उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया और चुनाव लड़ने का फैसला किया। बृंदा का कहना था कि ड्रग्स मामले में उनकी कार्रवाई से कई नेता उनसे नाराज थे और उनपर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाते थे।

यूथ के बीच काफी फेमस हैं बृंदा
नौकरी छोड़ने के बाद बृंदा ने चुनाव लड़ने का फैसला किया और बिहार की सत्ताधारी जेडीयू ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर लिया। जेडीयू ने उन्हें टिकट दिया और अब वो जोरशोर से पार्टी का और अपना प्रचार कर रही हैं। 43 साल की वृंदा थौनाओजम की यूथ में बहुत अच्छी पकड़ है। मणिपुर में बृंदा 2018 के बाद काफी फेमस हो गई थीं, जब उन्होंने 27 करोड़ रुपए से अधिक की ड्रग्स बरामद की थी। उन्होंने मणिपुर पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स यूनिट के ऑपरेशन का नेतृत्व किया, जहां वह डिप्टी हेड थीं। इसी साल उन्होंने सरकार की ओर से वीरता पुरस्कार दिया गया था। हालांकि मतभेदों के बाद उन्होंने वो पुरस्कार लौटा दिया था।
मणिपुर में मतदान 28 फरवरी और 5 मार्च को है और मतगणना 10 मार्च को होगी।












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