'जब यहां नहीं डरते तो वहां क्या डरेंगे...', पाकिस्तान में बयान देते वक्त डर के सवाल पर बोले जावेद अख्तर
Javed Akhtar news: जावेद अख्तर ने उन सवालों पर चुप्पी तोड़ी है, जिनमें पूछा जा रहा है कि पाकिस्तान में ऐसा बयान देते वक्त क्या उन्हें डर नहीं लगा।

पाकिस्तान में हाल में ही दिए गए अपने बयान को लेकर दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर जहां पाकिस्तानी कलाकारों के निशाने पर हैं, तो वहीं बॉलीवुड से उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। समर्थन भी ऐसा कि कंगना रनौत ने भी जावेद अख्तर के बयान पर कहा कि उन्होंने पाकिस्तान में घुसकर मारा है। हालांकि इस बीच ये सवाल भी लोगों के जहन में है कि क्या पाकिस्तान में बैठकर, पाकिस्तान की ही आलोचना करते वक्त जावेद अख्तर को डर नहीं लगा। अब खुद जावेद अख्तर ने इस सवाल पर चुप्पी तोड़ी है।

'लग रहा है जैसे तीसरा विश्व युद्ध जीतकर आया हूं'
'एबीपी न्यूज' की खबर के मुताबिक, अपने बयान पर जावेद अख्तर ने कहा, 'ये तो काफी बड़ा मुद्दा हो गया। कभी-कभी लगता है कि मुझे वहां जाना ही नहीं चाहिए था। यहां आया तो लगा कि जैसे तीसरा विश्व युद्ध जीतकर आया हूं। लोगों के...मीडिया के, सबके बहुत सारे रिएक्शन आ रहे हैं। मैं खुद हैरान हूं कि ऐसा क्या कह दिया? इतनी बात तो कहनी पड़ेगी, चुप रहें क्या?

'मुझे वीजा कैसे मिल गया, लोगों से पूछा जा रहा है'
जावेद अख्तर ने आगे कहा, 'मुझे अब ऐसे मैसेज मिल रहे हैं और बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में लोगों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर जावेद अख्तर को वीजा कैसे मिला? ये भी कहा जा रहा है कि मैं अब वहां कभी जा नहीं सकता।' गौरतलब है कि जावेद अख्तर ने हाल ही में लाहौर में लेखक फैज अहमद फैज के सम्मान में एक समारोह में भाग लिया था।

'क्या बयान देते हुए डर नहीं लगा?'
जावेद अख्तर से जब पूछा गया कि लाहौर में बैठकर और एक ऐसे इवेंट में, जो पाकिस्तानी लोगों से भरा हुआ था, क्या उन्हें वो बयान देने से डर नहीं लगा, तो उन्होंने कहा, 'इस तरह की बातें, जो विवादित हैं...जिस मुल्क में पैदा हुए, जीते हैं और मरेंगे वहीं, वहां करते रहते हैं, तो दूसरे मुल्क में जहां दो दिन के लिए जाना था, वहां क्या डर था। जब यहां नहीं डरते तो वहां क्या डरेंगे।'

आखिर जावेद अख्तर ने कहा क्या था?
आपको बता दें कि लाहौर में हुए कार्यक्रम में जावेद अख्तर ने अपने संबोधन में कहा था, 'यहां मैं तकल्लुफ से काम नहीं लूंगा। हमने तो नुसरत के बड़े बड़े फंक्शन किए, मेंहदी हसन के बड़े बड़े फंक्शन किए, आपके मुल्क में तो लता मंगेशकर का कोई फंक्शन नहीं हुआ। ये जो आजकल इतनी गर्म फिजा है, वो कम होनी चाहिए। हम तो बंबई के लोग हैं, हमने देखा कैसे हमारे शहर पर हमला हुआ था। तो वो लोग नॉर्वे से तो नहीं आए थे। ना ही इजिप्ट से आए थे। वो लोग अभी भी आपके मुल्क में घूम रहे हैं। तो ये शिकायत अगर एक हिंदुस्तानी के दिल में हो तो आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।'












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