Ramban Cloudburst: रामबन में बादल फटने से तबाही, चार की मौत, कई लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में शुक्रवार देर रात अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी। अधिकारियों के मुताबिक राजगढ़ इलाके की ऊंची पहाड़ियों में बादल फटने और भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम चार अन्य लापता हैं। तेज बहाव ने कई मकानों को बहा दिया और कुछ घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, राजगढ़ क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने से बाढ़ आई, जिससे कई घर बह गए और कई अन्य क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ इमारतें पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गईं। रामबन श्रीनगर से लगभग 136 किलोमीटर दूर स्थित है।

केंद्रीय मंत्री की स्थिति पर नजर
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, 'अभी-अभी DC रामबन मोहम्मद अलयास खान से बात की। राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से चार लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई। पांचवां व्यक्ति लापता हैं और उसकी तलाश जारी है। इस बीच, कोई घायल नहीं हुआ है। बचाव अभियान जारी है। हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। मैं लगातार संपर्क में हूं।'
पिछले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश हुई है, जिससे बाढ़ से प्रमुख सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) सहित प्रमुख मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है।
भारी बारिश के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त
उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि, 'पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। एनएच-44 बंद है। यह आज शाम या कल सुबह तक खुल सकता है। पुंछ में बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है।
पुंछ, किश्तवाड़, जम्मू, रामबन और उधमपुर में ऑरेंज अलर्ट
पुंछ, रियासी, राजौरी, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों में शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें गरज और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। पुंछ, किश्तवाड़, जम्मू, रामबन और उधमपुर में शनिवार और रविवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जो भारी बारिश की संभावना दर्शाता है।
सभी सरकारी और निजी स्कूल 30 अगस्त तक बंद
जम्मू संभाग के सभी सरकारी और निजी स्कूल 30 अगस्त तक बंद रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय विभिन्न जिलों से आई कई चिंताजनक रिपोर्टों के मद्देनजर लिया गया है, जिनमें स्कूल संचालन को प्रभावित करने वाली गंभीर स्थितियों पर प्रकाश डाला गया है।
मुख्यमंत्री ने की बाढ़ की स्थिति पर समीक्षा
इससे पहले गुरुवार को, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और दो दिनों की लगातार बारिश से हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश एक बड़े संकट से बाल-बाल बच गया है। एएनआई से बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने 2014 की विनाशकारी बाढ़ से तुलना करते हुए कहा कि और अधिक बारिश से समान पैमाने की आपदा आ सकती थी।
सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि, अगर एक-डेढ़ दिन और बारिश होती तो हमें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता। हालांकि, अब पानी कम होने लगा है लेकिन आगे बढ़ने के लिए मुझे खुद अधिकारियों के साथ बैठक करनी होगी ताकि यह समझा जा सके कि 2014 के बाद हमने क्या किया। अगर दो दिन की बारिश के बाद यह स्थिति है, तो भगवान न करे अगर चार दिन और बारिश होती, तो हमारी स्थिति 2014 जैसी हो जाती। हमें अपनी कमियों का जायजा लेना होगा क्योंकि हम डर के साये में नहीं जी सकते।'












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