कश्मीर: मुठभेड़ में घिरे आतंकी बेटे से मां ने कहा- मर जाना लेकिन सरेंडर नहीं करना
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब आतंक की राह पर गए युवाओं को वापस सही रास्ते पर लाने के लिए उनके माता-पिता या फिर घरवाले उनसे अपील करते हैं। घरवालों की इस अपील का असर भी हुआ है और भटके युवा मुख्य धारा में वापस लौटे भी हैं। इन सबके उलट घाटी में इस समय एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में एक मां और उसके मारे गए आतंकी बेटे के बीच फोन पर हुई बातचीत है। जिसमें आतंकी बेटे से उसकी मां कहती है कि अपनी जान दे देना लेकिन सरेंडर नहीं करना। बेटा भी अपनी मां की बात मान लेता है। पुलिस ने बताया कि अलगाववादी अपने फायदे के लिए इस ऑडियो को सर्कुलेट कर रहे हैं।

घाटी में तेजी से वायरल हो रही एक ऑडियो क्लिप
जानकारी के मुताबिक घाटी में तेजी से वायरल हो रहा ये ऑडियो शनिवार को कुलगाम के काजीगुंड इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान का है। टीओआई में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान जाहिद अहमद मीर उर्फ हाशिम नाम का एक आतंकी भी था, जो कि अपने चार साथियों के साथ एक घर में छिपा हुआ था। बताया जा रहा है कि वहीं से हाशिम ने अपनी मां को फोन किया और बात की।

करीब 9 मिनट का है आतंकी और उसकी मां की बातचीत का ऑडियो
इसी दौरान जब आतंकी अहमद मीर उर्फ हाशिम ने फोन पर अपनी मां को बताया कि पुलिस सुपरीटेंडेंट ने मुझे और चार दूसरे आतंकियों को घेर लिया है, हम एक घर में हैं। एसपी ने हमें सरेंडर करने के लिए कहा है लेकिन हमने आत्म समर्पण से इनकार कर दिया है। इसी बातचीत में हाशिम की मां ने उससे कहा कि नहीं, तुम सरेंडर क्यों करोगे? उनसे कह दो कि तुम सरेंडर नहीं करोगे। अगर भागने का मौका मिले तो भाग जाओ लेकिन आत्म समर्पण करने के बारे में सोचना भी मत। टीओआई में छपी खबर के मुताबिक हाशिम और उसकी मां के बीच बातचीत की ये ऑडियो क्लिप करीब 9 मिनट की है।

काजीगुंड एनकाउंटर के दौरान अपनी मां से की थी फोन पर बात
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मारा गया आतंकी जाहिद अहमद मीर उर्फ हाशिम करीब दो साल पहले हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ गया था। पिछले महीने ईद-उल-जुहा के दिन पुलिस अधिकारी फयाज अहमद की हत्या में उसके शामिल होने की बात सामने आई है। फिलहाल काजीगुंड एनकाउंटर हाशिम मारा जा चुका है। हालांकि उसकी अपनी से हुई बातचीत को अलगाववादी और आतंकी अपने फायदे के लिए तेजी से सर्कुलेट कर रहे हैं।

'ऑडियो क्लिप वायरल करना आतंकियों की नई तकनीक'
इस मामले में एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) मुनीर खान ने बताया कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें परिजन आतंक की राह में गए अपने बेटों को आत्म समर्पण के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हालांकि ये आतंकियों की नई तकनीक है, जो वो इस तरह की ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सर्कुलेट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ज्यादातर मौके पर स्थानीय आतंकियों को सरेंडर का मौका देते हैं। इतना ही नहीं उन्हें वापस मुख्य धारा में लाने के लिए परिजनों की मदद लेते हैं लेकिन हर बार हमें सफलता नहीं मिल पाता है।












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