Jammu Kashmir: सिर से बह रहा था खून, गोली लगने के बाद भी CRPF जवान रमेश रंजन ने ढेर किए तीन आंतकी
श्रीनगर। बुधवार को जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के लावेपोरा में हुए एनकाउंटर में सीआरपीएफ के जवान रमेश रंजन शहीद हो गए थे। गुरुवार को भोजपुर में उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। रमेश, सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। श्रीनगर में जो एनकाउंटर हुआ था उसकी जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी। हालांकि जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस दावे को मानने से किया इनकार कर दिया था। कॉन्स्टेबल रमेश ने जिस बहादुरी से आतंकियों का सामना किया था, उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
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आतंकियों ने अचानक बोला हमला
बुधवार को श्रीनगर के लावेपोरा इलाके में अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी। पता लगा कि आतंकियों ने अचानक ही सीआरपीएफ की पोस्ट पर हमला बोल दिया था। कॉन्स्टेबल रमेश रंजन सीआरपीएफ की 73वीं बटालियन के साथ तैनात थे। आतंकियों के हमला बोलते ही उन्होंने अपने साथियों के साथ मोर्चा संभाल लिया। दोनों तरफ से फायरिंग जारी थी और इस बीच अचानक एक गोली उनके सिर पर आकर लगी। जिस बटालियन के साथ रमेश तैनात थे, उस पर जम्मू कश्मीर के नरबल स्थित नाके की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

जख्मी हालत में भी आतंकियों को मारा
रमेश बुरी तरह से जख्मी हो गए थे मगर इसके बाद भी वह आतंकियों से लड़ते रहे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने पाकिस्तान से आए दो आतंकियों को ढेर कर दिया था। ठीक एक माह बाद उनका 31वां जन्मदिन था और घर में लोग इस बात को लेकर बहुत खुश थे। उनके घर में पत्नी के अलावा उनके बूढ़े मां-बाप हैं। छह माह पहले ही उनकी शादी हुई थी। रमेश के पिता राधा मोहन सिंह ने अपने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। पिता रिटायर सब-इंस्पेक्टर हैं। भोजपुर में, 'जब तक सूरज चांद रहेगा-शहीद रमेश तेरा नाम रहेगा, शहीद रमेश अमर रहें व भारत माता की जय' के नारे लग रहे थे।

स्कूटी से आए थे आतंकी
एनकाउंटर श्रीनगर के लावेपोरा इलाके में हुआ था। यहां पर फायरिंग की आवाज सुनी गई थी। एनकाउंटर में दो आतंकी ढेर हो गए थे तो एक आतंकी को घायल अवस्था में पकड़ा गया था। हालांकि बाद में उसकी भी मौत हो गई। आतंकियों ने श्रीनगर के परीम पोरा चेक पोस्ट पर अचानक हमला बोल दिया था। दिन के करीब 11:30 बजे स्कूटी पर सवार तीन आतंकियों की तरफ से हमले को अंजाम दिया गया था।

ISIS के नहीं हैं आतंकी
आईएसआईएस की मीडिया विंग अमाक ने कहा कि उसके आतंकियों ने सीआरपीएफ पर हमला बोला और सुरक्षाबल को काफी नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस दावे को मानने से इनकार कर दिया है। डीजीपी का दावा है कि जो तीन आतंकी मारे गए हैं, वे सभी अलग-अलग संगठनों से आते हैं। उन्होंने बताया कि एक आतंकी लश्कर-ए-तैयबा, एक आईएसआईस और एक हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था।












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