Jaishankar On Democracy: जर्मनी में जयशंकर ने लोकतांत्रिक शक्ति की दिखाई झलक, कहा- हमें लोकतंत्र पर भरोसा
Jaishankar On Democracy: भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर (S Jaishankar) से एक कॉन्फ्रेंस में ऐसा सवाल पूछा गया जिसमें विदेश मंत्री ने इशारों में ही शानदार जवाब दे दिया। इस वक्त एस.जयशंकर जर्मनी की यात्रा पर हैं इस दौरान उन्होंने जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित 'सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा लिया। इस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री से 'वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र के खतरे' पर सवाल पूछा गया जिसपर उन्होंने अपनी उंगली पर लगे स्याही के निशान को दिखाकर अपना जवाब दिया।
जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित सिक्योरिटी कांफ्रेंस में एस. जयशंकर ने भारत की लोकतांत्रिक शक्ति की झलक दिखाई। दरअसल, म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री से विश्व स्तर पर लोकतंत्र के खतरे पर सवाल किया गया था। इसके जवाब में विदेश मंत्री ने कहा," मैं अपनी तरजनी उंगली उठा कर इसका जवाब देना चाहूंगा कृपया इसे गलत ना समझा जाए। मेरे इस नाखून पर लगे निशान को देख रहे हैं ये उस व्यक्ति का निशान है जिसने अभी-अभी मतदान किया है। हमारे राज्य में अभी -अभी चुनाव खत्म हुआ है और पिछले साल ही लोकसभा चुनाव हुए हैं।"
सिक्योरिटी कॉंफ्रेस में बोल रहे थे विदेश मंत्री
भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर (S Jaishankar) शुक्रवार, 14 फरवरी को नार्वे के पीएम जोनास गहर स्टोर, अमेरिकी सांसद एलिसा स्लॉटकिन और अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ सिक्योरिटी कॉंफ्रेंस 'Live to Vote Another Day: Fortyfying Democratic Resilience' में मौजूद थे। विदेश मंत्री ने भारत के लोकतंत्र पर कहा, "भारत के दो तिहाई लोग चुनाव में वोट डालते हैं। उन्होंने आगे कहा कि, भारत के लगभग 900 मिलियन वोटर्स में से 700 मिलियन चुनाव के दौरान वोटिंग करते हैं। इन सभी वोटों की गिनती एक दिन में ही की जाती है।"

विश्व स्तर पर लोकतंत्र के खतरे में होने के सवाल पर जयशंकर ने अपनी असहमती जताते हुए कहा, वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र संकट में है मैं इस बात से असहमत हूं। मुझे लगता है कि हम अच्छे से जी रहे हैं। हम मतदान कर रहे हैं और हम इसे लेकर आशावादी हैं। इतना ही नहीं जयशंकर ने अमेरीका का नाम लिए बिना कहा कि, पश्चिमी देश अपने लोकतंत्र को थोपने की कोशीश करते हैं उन्हें अपने क्षेत्र से बाहर के लोकतंत्र को भी देखना चाहिए।
अमेरीकी सांसद के बयान पर जताई असहमति
विदेश मंत्री एस.जयशंकर (S Jaishankar) ने अमेरिकी सांसद एलिसा स्लॉटकिन के विचार पर असहमति भी जताया। अमेरीकि सांसद ने कहा कि "लोकतंत्र खाने की चीज आपके मेज पर नहीं रखता है।" इस पर जवाब देते हुए जयशंकर ने कहा, "हमारे देश में ऐसा ही होता है। आज,हम 800 मिलीयन लोगों का पेट भरते हैं और हमारे लिए ये मायने रखता है कि उनका पेट कितना भरा है और वे कितने स्वस्थ हैं।" उन्होंने कहा कि अगर कुछ समस्याएं हैं तो हमारे पास उसका समाधान भी है।
भारत को लोकतांत्रिक मॉडल पर है भरोसा: एस. जयशंकर
विदेश मंत्री ने भारत के लोकतांत्रिक मुल्यों पर बात कि और इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के सामने कई चुनौतियां हैं इसके बावजूद हमें अपने लोकतांत्रिक मॉडल पर भरोसा है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों से आग्रह किया कि अगर वो लोकतंत्र को सही से चलाना चाहते हैं तो उन्हें पश्चिम के बाहर के सफल लोकतंत्र को अपनाना चाहिए।
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