Jagannath temple Ratna Bhandar: सांपों का बसेरा, चाबियां गुम...46 साल से बंद रत्न भंडार, क्या है रहस्य?

जगन्नाथ धाम के रत्न भंडार को इससे पहले अंतिम बार 1985 में इस तहखाने को खोला गया था। इस दौरान राजाओं के मुकुट से लेकर खजानों से भरी तिजोरियां देखने को मिली थीं। जगन्नाथ मंदिर रत्न भंडार के अंदर जो लोग गए हैं उनमें मंदिर के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, पुरी के कलेक्टर, ASI सुपरिटेंडेंट, रत्न भंडारा सब कमेटी के लोग, सुपरवाइजरी पैनल से दो सदस्य गए हैं। इस बीच खजाने में मिली चीजों को लेकर बड़ा दावा किया है।

ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर का खजाना आज (14 जुलाई) दोपहर 1:28 बजे खोल दिया गया। ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है। इस दौरान भंडार गृह में सरकार के प्रतिनिधि, ASI के अधिकारी, श्री गजपति महाराज के प्रतिनिधि समेत 11 लोग मौजूद हैं। सरकार ने अपने निर्देश में कहा है कि पिछली सरकार ने रत्न भंडार को रहस्य बनाकर रखा था। रत्न भंडार की बार-बार गिनती होनी चाहिए।

Jagannath temple Ratna Bhandar

खजाने में वो चीजें हैं, जो उस दौर के राजाओं और भक्तों ने मंदिर में चढ़ाए थे। 12वीं सदी के बने मंदिर में तब से ये चीजें रखी हुई हैं। भंडारघर के दो हिस्से हैं, एक बाहरी और एक भीतरी भंडार। लेकिन खजाने के आंतरिक हिस्से को कभी नहीं खोला जाता। जबकि बाहरी हिस्से को त्योहार या अन्य किसी भी मौके पर खोलकर गहने निकालकर भगवान को सजाया जाता है। अक्सर रथ यात्रा के समय ये होता ही है।

रत्न भंडार के अंदर छिपे हैं कौन से रहस्य?
रत्न भंडार का अंदरूनी चैंबर पिछले 46 साल से बंद है। इससे पहले इसे 1978 में खोला गया था। बाद में 1985 में भी चैंबर को खोला गया, लेकिन खजाने के अंदर क्या है इसको लेकर कुछ नहीं बताया गया। खजाने में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के आभूषण रखे हुए हैं, साथ ही सोने-चांदी के बर्तन भी हैं। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के कहने पर हाईकोर्ट ने साल 2018 में इसे खोलने का आदेश दिया था, लेकिन प्रोसेस पूरा नहीं हो पाया। इसकी वजह चाभियां ना मिलना बताया गया।

सरकार ने क्या कहा?
साल 2018 में विधानसभा में पूर्व कानून मंत्री प्रताप जेना ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि आखिरी बार यानी 1978 में इसे खोलने के समय रत्न भंडार में करीब साढ़े 12 हजार भरी (एक भरी 11.66 ग्राम के बराबर होता है) सोने के गहने थे, जिनमें कीमती पत्थर जड़े हुए थे। इके अलावा 22 हजार भरी से कुछ ज्यादा के चांदी के बर्तन थे। साथ ही बहुत से और गहने थे, हलांकि इनका वजन नहीं किया गया।

इस बार खजाने की जांच टीम में कौन- कौन?
जगन्नाथ मंदिर के खजाने की जांच करने वाली टीम में गजपति महाराज के प्रतिनिधि और सेवक समुदाय से चार शामिल हैं। मंदिर के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, पुरी के कलेक्टर, ASI सुपरिटेंडेंट, रत्न भंडारा सब कमेटी के लोग, सुपरवाइजरी पैनल से दो सदस्य गए हैं। साथ ही, गजपति महाराज के प्रतिनिधि और सेवक समुदाय से चार शामिल हैं।

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