ISRO ने पूरा किया मोदी का सपना, सार्क देशों का उपग्रह लिए सैटेलाइट लॉन्च
ISRO ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वादे को पूरा किया जो उन्होंने अपने शपथ ग्रहण के दिन कहा था।
श्रीहरिकोटा। भारत की स्पेस डिप्लोमैसी के तहत तैयार हुई साउथ एशिया सैटेलाइट लॉन्च कर दिया गया। दुनिया ने एक बार फिर अंतरिक्ष में भारत का दम देखा। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो शुक्रवार शाम 4:57 बजे दक्षिण एशिया संचार उपग्रह जीसैट-9 को लांच किया।
इसको श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया गया। इस सैटेलाइट यानी उपग्रह के प्रक्षेपण से दक्षिण एशियाई देशों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।

पाकिस्तान नहीं आया साथ
आठ सार्क देशों में से सात भारत, श्रीलंका, भूटान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और मालदीव इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। पाकिस्तान ने यह कहते हुए इससे बाहर रहने का फैसला किया था कि उसका अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम है। इस उपग्रह की लागत करीब 235 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य दक्षिण एशिया क्षेत्र के देशों को संचार और आपदा सहयोग मुहैया कराना है।

बृहस्पतिवार को शुरु हुआ था काउंटडाउन
जीसैट को चेन्नई से करीब 135 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांचिंग पैड से लांच किया गया। इसरो ने बताया कि जीसैट-9 मिशन के ऑपरेशन का 28 घंटे का काउंटडाउन बृहस्पतिवार दोपहर 12:57 बजे शुरू हुआ।इसका मिशन लाइफटाइम 12 साल का है।

चीन का प्रभाव हो सकेगा कम
मई 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों से सार्क सैटेलाइट बनाने के लिए कहा था, जो पड़ोसी देशों को भारत की ओर से उपहार होगा। साथ ही चीन के प्रभाव को क्षेत्र में कम किया जा सकेगा।

मोदी ने कहा था
बीते रविवार को मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने घोषणा की थी कि दक्षिण एशिया उपग्रह अपने पड़ोसी देशों को भारत की ओर से कीमती उपहार होगा। मोदी ने कहा था, 'पांच मई को भारत दक्षिण एशिया उपग्रह का प्रक्षेपण करेगा। इस परियोजना में भाग लेने वाले देशों की विकासात्मक जरुरतों को पूरा करने में इस उपग्रह के फायदे लंबा रास्ता तय करेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा
वहीं इसरो की इस सफलता पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि दक्षिण एशिया उपग्रह-जीएसएटी -0 9 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो की पूरी टीम की मै दिल से प्रशंसा करता हूं। मुखर्जी ने कहा कि दक्षिण एशिया के उपग्रहों का शुभारंभ दक्षिण एशिया के देशों की विकास की जरूरतों को पूरा करने में काफी लंबा होगा। उन्होंने कहा है कि विश्वास है कि यह परियोजना भारत और उसके पड़ोसियों के बीच दोस्ती और सहयोग को बढ़ावा देगा औ संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

मोदी ने कहा
वहीं पीएम मोदी ने कहा कि दक्षिण एशियाई सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण एक ऐतिहासिक क्षण है। यह वचनबद्धता के नए क्षितिज को खोलता है। उन्होंने लिखा है कि यह भी दक्षिण एशिया और हमारे क्षेत्र की प्रगति को बहुत फायदा होगा। मोदी ने कहा कि मैं दक्षिण एशिया सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण के लिए कड़ी मेहनत करने वाले वैज्ञानिकों की टीम को बधाई देता हूं। हमें उन पर बहुत गर्व है
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