ISRO Big Update: आदित्य-L1 को मिली बड़ी सफलता, अब सन प्वाइंट L1 की ओर तलाश रहा अपना रास्ता
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को अच्छी खबर साझा की है। इसरो ने बताया कि आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से सफलतापूर्वक बचकर पृथ्वी से 9.2 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है। अब यह सन प्वाइंट L1 की ओर अपना रास्ता तलाश रहा है।
यह आदित्य-एल1 मिशन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर है। यह लगातार दूसरी बार है कि इसरो किसी अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र के बाहर भेज सका। पहली बार मार्स ऑर्बिटर मिशन (मंगलयान) मंगल भेजा गया था।

आपको बता दें कि आदित्य-एल1 सूर्य मिशन धरती और सूरज के बीच मौजूद लैरेंज प्वाइंट 1 की तरफ बढ़ चुका था। अब आदित्य को सिर्फ 110 दिनों तक अंतरिक्ष में यात्रा करते जाना है। इसके बाद ही वह L1 प्वाइंट पर पहुंचेगा।
इसरो ने एक्स पर साझा की सफलता
इसरो ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा कि आदित्य-एल1 मिशन अंतरिक्ष यान पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से सफलतापूर्वक बचकर, पृथ्वी से 9.2 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है। अब यह सूर्य-पृथ्वी लैरेंज प्वाइंट 1 (एल1) की ओर अपना मार्ग प्रशस्त कर रहा है। यह लगातार दूसरी बार, जब इसरो पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र के बाहर एक अंतरिक्ष यान भेज सका, पहली बार मंगल ऑर्बिटर मिशन।
सूर्य के अध्ययन के लिए 7 अलग-अलग पेलोड
आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान सूर्य का अध्ययन करने के लिए कुल 7 अलग-अलग पेलोड हैं, जिनमें से चार सूर्य से प्रकाश का निरीक्षण करेंगे और शेष तीन प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के इन-सीटू मापदंडों को मापेंगे। आदित्य-एल1 को लैरेंजियन प्वाइंट 1 (एल1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जो सूर्य की दिशा में पृथ्वी से 1.5 मिलियन किमी दूर है। यह सूर्य के चारों ओर उसी सापेक्ष स्थिति में चक्कर लगाएगा और इसलिए लगातार सूर्य को देख सकता है।












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