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'इजराइल-हमास युद्ध पर कांग्रेस के बयान से पार्टी में दरार की खबरें', सूत्रों का दावा

इजराइल और फिलिस्तीन चरमपंथी संगठन हमास के बीच जारी युद्ध ने भारत में एक राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है। कांग्रेस ने एक बयान जारी कर फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष को समर्थन व्यक्त किया। इजरायल के समर्थन में अपना मोर्चा खोलने वाली बीजेपी ने विपक्षी दल पर आतंकवाद का समर्थन करने और अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया।

पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सोमवार को युद्ध पर अपनी निराशा और पीड़ा व्यक्त की। साथ ही फिलिस्तीनी लोगों के 'भूमि, स्व-शासन और सम्मान के साथ जीने के अधिकार" के प्रति अपने समर्थन को फोकस किया।

Israel-Hamas war

'कांग्रेस अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टी'
तेजतर्रार बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने एक्स(पूर्व में ट्विटर) पर जवाब दिया कि इजराइल युद्ध पर कांग्रेस का सीडब्ल्यूसी प्रस्ताव इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे भारतीय विदेश नीति कांग्रेस की अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति की बंधक थी, जब तक कि मोदी नहीं आए। अगले साल होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए तेज तर्रार सांसद ने आगे कहा कि अगर हम 2024 में सतर्क नहीं रहे, तो चीजें कितनी जल्दी शून्य पर वापस चली जाएंगी।

कांग्रेस का बयान पार्टी के भीतर विभाजन की निशानी!
सूत्रों ने अब कहा है कि कांग्रेस का बयान पार्टी के भीतर विभाजन को उजागर करता है। सीडब्ल्यूसी बैठक में इजरायल-हमास युद्ध अनुभाग को सभी ने अच्छी तरह से स्वीकार नहीं किया था। सूत्रों ने यह भी सुझाव दिया कि बयान में उस अनुभाग को शामिल करना एक प्रमुख बाधा बिंदु था, और यह मूल मसौदे का हिस्सा नहीं था। यह स्पष्ट नहीं है कि इसे कैसे जारी किया गया।

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे विशेष रूप से इसे उस प्रस्ताव में शामिल नहीं करना चाहते थे, जो जाति जनगणना पर पार्टी की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना था। जो बयान जारी किया जाना था, वह एक चुनाव पूर्व प्रस्ताव था, जिसमें कहा गया था कि अगर कांग्रेस अगले साल सत्ता में आती है, तो वह राष्ट्रीय जाति जनगणना कराएगी और पिछले महीने पारित महिला आरक्षण विधेयक में अन्य पिछड़ा वर्ग या ओबीसी के लिए कोटा लागू करेगी।

मध्य पूर्व में युद्ध पर असहमति इस बात पर थी कि कांग्रेस ने हमास लड़ाकों के आतंक के कृत्यों का उल्लेख नहीं किया, जो सीमा पार करके इजराइल में घुस गए और जानलेवा हमला किया, जिसमें एक संगीत समारोह में लगभग 300 लोगों की हत्या और बच्चों और बुजुर्गों की हत्या शामिल थी।

बीजेपी ने गिनाए कांग्रेस सरकार में आतंकी हमले

फिलिस्तीन पर कांग्रेस का बयान था कि चाहे वह जारी किया जाना था, या नहीं। बीजेपी द्वारा कांग्रेस पर हमला करने के लिए भारतीय धरती पर आतंकवादी हमलों का एक वीडियो असेंबल साझा करने के कुछ दिनों बाद आया है। बीजेपी ने कहा कि इजरायल आज जो झेल रहा है, वही भारत ने 2004-14 के बीच झेला। कभी माफ मत करो, कभी मत भूलो। इसके बाद दूसरा वीडियो जिसमें बीजेपी ने हमास के हमले की तुलना मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमलों से की। साथ ही कहा कि कमजोर कांग्रेस के नेतृत्व ने भारत में क्या किया? वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने तो पाकिस्तान को दोषमुक्त भी कर दिया था।

कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा
कांग्रेस ने भी इस विषय पर बीजेपी पर निशाना साधा है। सोमवार को पार्टी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य पूर्व में संकट पर 9 घंटे के भीतर टिप्पणी की थी। लेकिन, मणिपुर में जातीय हिंसा पर बोलने से पहले लगभग तीन महीने तक इंतजार किया। पीएम मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की, और अपने समकक्ष से कहा कि भारत इजरायल के साथ खड़ा है।

क्या था बीजेपी के जारी वीडियो में ?
दरअसल, बीजेपी द्वारा 7 अक्टूबर को जारी वीडियो में कहा गया कि यूपीए के समय जून 2004 से मई 2014 तक भारत में 10, 262 आतंकी हमले हुए। जिसमें 7012 नागरिकों की जान गई। 2014 में देश में नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई। जिसके बाद 2016 में पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक हुई।

जून 2004 से मई 2014 तक भारत में 10, 262 आतंकी हमले

  • 2005 में दिल्ली बम धमाका- 60 की मौत हुई, 210 घायल
  • 2006 में वाराणसी संकट मोचन मंदिर ब्लास्ट- 28 की मौत हुई, 100 से ज्यादा घायल
  • 2006 में मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट- 180 से ज्यादा की मौत, 800 से ज्यादा घायल
  • 2007 हैदराबाद बम ब्लास्ट- 40 से ज्यादा की मौत, 60 से ज्यादा घायल
  • 2008 में जयपुर सीरियल ब्लास्ट- 70 से ज्यादा की मौत, 185 से ज्यादा घायल
  • 2008 में दिल्ली बम धमाके- 23 लोगों की मौत हुई, 100 से ज्यादा घायल
  • 2008 में असम बम धमाके- 88 मौतें और 500 से ज्यादा घायल
  • 26/11 मुंबई हमला-166 मौतें और 300 से ज्यादा घायल
  • 2010 में पुणे बम ब्लास्ट- 17 की मौत, 60 से ज्यादा घायल
  • 2011 में मुंबई बम ब्लास्ट- 26 की मौत हुई, जबकि 130 से ज्यादा घायल।

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