ISI की भारत के खिलाफ गहरी साजिश, खालिस्तान मूवमेंट और सांप्रदायिक उन्माद बढ़ाने पर जोर-रिपोर्ट
नई दिल्ली, 5 मई: हरियाणा के करनाल जिले से हथियारों के साथ पकड़े गए चार आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भारत-विरोधी बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। भारतीय खुफिया सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है। इसके मुताबिक आईएसआई के नए चीफ नदीम अंजुम ने भारत में अशांति पैदा करने के लिए खालिस्तानी मूवमेंट को हवा देने और देश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने की गहरी साजिश रची है। अंजुम चाहते हैं कि वह अब सिख अलगाववादियों का इस्तेमाल पाकिस्तान के भारत विरोधी अभियान के लिए बढ़ा दें।

भारत के खिलाफ आईएसआई की बड़ी साजिश
सीएनएन-न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) चाहती है कि खालिस्तान आंदोलन भारत के दूसरे हिस्सों तक भी पसर जाए। यह रिपोर्ट खुफिया सूचना के आधार पर दी गई है। खुफिया नोट से पता चलता है कि आईएसआई के नए चीफ नदीम अंजुम सिख अलगाववादियों की वैश्विक मौजूदगी को अब भारत में अशांति पैदा करने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं।
ड्रोन के जरिए पाकिस्तान लाए गए हथियार-रिपोर्ट
इस रिपोर्ट के मुताबिक अंजुम ने रंजीत सिंह नीता और वाधवा सिंह बब्बर समेत लाहौर में मौजूद सभी खालिस्तानी नेताओं से कहा है कि पंजाब के गैंगस्टरों को भारत में हथियारों की सप्लाई के लिए संगठित करें। इसके मुताबिक गुरुवार को हरियाणा के करनाल से जो चार आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए हैं, वह भी आईएसआई के ड्रोन-वेपन्स ड्रॉपिंग रिंग के ही हिस्सा हैं। खुफिया जानकारी के मुताबिक ये हथियार ड्रोन के जरिए पंजाब लाए गए और गैंगस्टर-आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंडा से कहा गया था कि वह इसे भारत के दूसरे हिस्सों में पहुंचवाए।
भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए सिख अलगाववादियों का इस्तेमाल-रिपोर्ट
एजेंसियों ने हरविंदर सिंह रिंडा के नाम की पुष्टि 2021 में लुधियाना कोर्ट में हुए धमाके के मामले में भी की हुई है। सूत्रों के मुताबिक यह गैंगस्टर अपने लोकल नेटवर्क का इस्तेमाल पाकिस्तान से आने वाले ड्रग और हथियारों को भारत के बाकी इलाकों में पहुंचाने किए लिए करता रहा है। उनके मुताबिक रिंडा संभवत: लाहौर के जौहर शहर में वाधवा सिंह के साथ है, जो कि आईएसआई के लिए काम कर रहा है। सूत्रों के अनुसार रिंडा अपना आतंकी-नेटवर्क चला रहा है और ड्रग बेचकर मूवमेंट के लिए हथियार जुटा रहा है और स्थानीय युवाओं को इस काम के लिए सक्रिय कर रहा है।
देश में बड़े धमाके करने की रची है साजिश-रिपोर्ट
सूत्रों ने कहा है कि आईएसआई चाहता है कि वाधवा सिंह और रिंडा आरडीएक्स की मदद से कुछ बड़े विस्फोट करे, जिसमें स्थानीय नेता मारे जाएं, जिससे दहशत पैदा हो। इसका इस्तेमाल वे हिंदू-सिख और हिंदू-मुस्लिम तनाव पैदा करने के लिए करें। सूत्रों का कहना है कि करनाल से गिरफ्तार किए गए गुरप्रीत नाम के एक शख्स ने एजेंसियों से कहा है कि उसने रिंडा की ओर से सीमा पार से ड्रोन के जरिए कंसाइंमेंट मिली थी। यही नहीं उन्होंने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने अप्रैल में इसी तरह की कंसाइंमेंट की डिलिवरी की थी।
सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने कहा है कि उन्हें हथियार ड्रॉप करने से 6 घंटे पहले अक्षांश और देशांतर के साथ निर्देश दिए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार जब उन्हें हथियार मिल जाते हैं तो उन्हें किसी खास स्थान या प्रदेश में ले जाने के निर्देश मिलते हैं और वहां पहुंचने के बाद उन्हें कंसाइंमेंट को खास अक्षांश और देशांतर के तहत पहुंचाने को कहा जाता है। सूत्रों का कहना है कि यह तरीका भारत में उसके लिए काम कर रहे सभी आतंकी गुर्गों को बचाने के लिए अपनाया जा रहा है। इससे उनका पूरा नेटवर्क पूरी तरह से फेसलेस रहता है।












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