क्या कन्हैया कुमार का कांग्रेस में जाना फाइनल है! CPI में रुकने के लिए की इस पद की डिमांड ?
नई दिल्ली, 27 ,सितंबर: गुजरात के अनुसूचित जाति के विधायक जिग्नेश मेवानी ने पिछले दिनों जो दावा किया था, उसके मुताबिक वे सीपीआई नेता कन्हैया कुमार के साथ मंगलवार (28 सितंबर) को कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं। यह दिन महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती भी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस की कोशिश ये है कि युवा नेताओं के पार्टी से निकलने की धारणा को वह इसके जरिए बदलना चाहती है। लेकिन, जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार अपने इरादे को लेकर अपनी पार्टी के नताओं को भी अभी तक घुमाने में ही लगे हुए हैं। अब ऐसी जानकारी आई है कि उन्होंने पार्टी में बने रहने के लिए कुछ खास पदों की मांग कर दी है।

क्या करेंगे कन्हैया, असमंजस में सीपीआई नेता!
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले मंगलवार को कन्हैया कुमार को दिल्ली में पार्टी मुख्यालय अजॉय भवन आकर एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए कांग्रेस में शामिल होने की 'अटकलों' को खारिज करना था। सीपीआई के एक नेता ने कहा कि उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन, कन्हैया के सहयोगी उनका इंतजार ही करते रह गए। सीपीआई के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पिछले सोमवार को पार्टी महासचिव डी राजा ने उन्हें प्रेस कांफ्रेंस में अफवाहों का 'खंडन' करने को कहा था, लेकिन मंगलवार को सीपीआई मुख्यालय में उनके सहयोगी उनका इंतजार करते रहे, लेकिन 'कुमार को किए गए फोन और मैसेज का जवाब नहीं मिला।' पार्टी के एक और नेता ने कहा कि 'अबतक उन्होंने सार्वजनिक तौर पर न तो इनकार किया है या उनके बारे में अटकलों पर कोई प्रतिक्रिया ही दी है।'

'बिहार में सीपीआई प्रमुख और चुनाव समिति के चेयरमैन पद की डिमांड'
जानकारी के मुताबिक कन्हैया सीपीआई में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं और अभी मिली जिम्मेदारियों से वह खुश नहीं है। जब इस बारे में डी राजा से संपर्क किया गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि 'देखते हैं।' इस बीच सीपीआई के एक और नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि रविवार को बिहार से सीपीआई के कुछ नेताओं ने उनसे मुलाकात की और उन्हें पार्टी में बने रहने के लिए मनाने की कोशिश की। 'बातचीत के दौरान कुमार ने उनसे कहा कि उन्हें पार्टी का प्रदेश प्रमुख और पार्टी की सबसे बड़ी चुनाव समिति का चेयरमैन बनाया जाना चाहिए जो कि चुनावों में उम्मीदवारों पर फैसला करती है।' वे नेता बोले कि 'किसी भी पार्टी में कोई भी ऐसी मांग नहीं कर सकता। फैसला पार्टी करती है और अपने लोगों को जिम्मेदारियां देती है। अगर उनकी ऐसी कोई महत्वाकांक्षा है (तो) उन्हें शीर्ष अधिकारियों को बताना चाहिए।'

बेगूसराय से चुनाव हार गए थे कन्हैया
माना जा रहा कि कन्हैया कुमार के मसले पर पार्टी 2 अक्टूबर को आयोजित नेशनल कांउसिल में चर्चा कर सकती है। लेकिन, जिग्नेश मेवानी ने तो उनके और अपने लिए 28 सितंबर की ही तारीख कांग्रेस में जाने के लिए तय कर रखी है। मेवानी ने इस बारे में कहा था, '28 सितंबर को मैं कन्हैया कुमार के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ज्वाइन करूंगा।' 2016 में जेएनयू में हुई राष्ट्रविरोधी नारेबाजी से सुर्खियों में आए कन्हैया कुमार पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से किस्मत आजमा चुके हैं। लेकिन, भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से बुरी तरह हार गए थे। उसके बाद पटना के पार्टी कार्यालय में बवाल करने में भी उनका नाम आ चुका है, जिसके बाद पार्टी ने उनपर कार्रवाई भी की थी।












Click it and Unblock the Notifications