पैसों की भारी तंगी झेल रही है कांग्रेस ? पार्टी फंड के लिए हर सांसद से मांगी इतनी रकम
नई दिल्ली, 13 अगस्त: कांग्रेस के केंद्र की सत्ता से दूर हुए करीब सात साल गुजरे हैं और लगता है कि पार्टी भारी आर्थिक संकट की दौर से गुजरने लगी है। कम से कम पार्टी की ओर से पदाधिकारियों के लिए जो गाइडलाइंस जारी की गई हैं उससे तो कुछ ऐसा ही लग रहा है। पार्टी ने हर सांसद से सालाना 50,000 रुपये पार्टी फंड में देने को कहा है और कुछ और लोगों के जरिए भी फंड जुटाने का आह्वान किया है। यही नहीं कांग्रेस पार्टी ने अपने पदाधिकारियों की यात्रा टिकट और भत्तों में भी कटौती शुरू कर दी है। पार्टी के कोषाध्याक्ष पवन बंसल के मुताबिक यह सब इसलिए किया जा रहा है, ताकि खर्च को कम से कम किया जा सके, क्योंकि एक-एक रुपया बचाना जरूरी हो गया है।

सांसद सालाना 50,000 रुपये पार्टी फंड में दें- कांग्रेस
कांग्रेस ने पार्टी के अंदर खर्चों में भारी कटौती शुरू कर दी है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने अपने सांसदों से कहा है कि वह हवाई यात्रा के लिए टिकट के पैसे पार्टी से न लेकर सांसद के तौर पर उन्हें मिलने वाली यात्रा सुविधाओं का लाभ उठाएं। यही नहीं पार्टी ने अपने सांसदों से पार्टी फंड में सालाना 50,000 रुपये दान के रूप में जमा करने को भी कहा है। पार्टी अपने खर्चों में कटौती और फंड में इजाफे के लिए इस तरह के कदम उठा रही है। पार्टी ने खर्चों में कटौती की यह गाइडलाइंस सचिवों से लेकर महासचिवों तक सभी पदाधिकारियों के लिए जारी किए हैं। पार्टी के कोषाध्यक्ष पवन बंसल ने इस संबंध में कहा है, 'आइडिया खर्च को कम से कम रखने का है। मैं एक-एक रुपये बचाने की कोशिश कर रहा हूं।'

सचिवों से कहा- ट्रेन से सफर करें
पार्टी सचिवों से कहा गया है कि वह ट्रेन से ही यात्रा करें और जब संभव न हो तो सबसे कम किराये वाले विमान से सफर करें। जो महासचिव संसद सदस्य हैं उनसे कहा गया है कि वो सांसदों को मिलने वाली हवाई यात्रा सुविधाओं का इस्तेमाल करें। एनडीटीवी ने कांग्रेस के मेमो के हवाले से बताया है कि 'एआईसीसी के सचिवों को 1,400 किमी तक के लिए उपयुक्त ट्रेन किराया रीइंबर्स किया जाएगा। 1,400 किमी से ज्यादा की दूरी के लिए सचिवों को सबसे कम वाला विमान किराया दिया जाएगा। हवाई किराया महीने में सिर्फ दो बार तब दिया जाएगा, जब ट्रेन का भाड़ा हवाई किराए से ज्यादा होगा।'

बाकी खर्चों में भी कटौती और आमदनी बढ़ाने पर जोर
यही नहीं कांग्रेस का मेमो यह भी कहता है कि 'कैंटीन, स्टेशनरी, बिजली, न्यूज पेपर, ईंधन आदि पर होने वाले खर्च एआईसीसी के पदाधिकारियों को खुद से कम से कम करना चाहिए।' पार्टी का कहना है कि सचिव और महासचिव को मिलने वाला 12,000 और 15,000 रुपये का भत्ता भी कम किया जाएगा। बंसल ने कहा है, 'उनमें से ज्यादातर शायद ही कभी इस राशि का उपयोग करते हैं और हम इस खर्च को भी कम करने की कोशिश कर रहे हैं।' कांग्रेस ने सांसदों से कहा है कि वे खुद तो हर साल 50,000 रुपये का योगदान दें ही, पार्टी से सहानुभूति रखने वाले दो लोगों से भी सालाना 4,000 रुपये जुटाएं।

इलेक्ट्रॉल बॉन्ड से कांग्रेस की कमाई घटी
गौरतलब है कि इसी महीने ही में एक रिपोर्ट आई है, जिसके मुताबिक साल 2019-20 में कांग्रेस की इलेक्ट्रॉल बॉन्ड से होने वाली कमाई 17 फीसदी कम हो गई है। वित्त वर्ष 2018-19 में कांग्रेस को इलेक्ट्रॉल बॉन्ड से 383 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन बीते वित्त वर्ष में वह सिर्फ 318 करोड़ रुपये ही जुटाई पाई है, जो कि इलेक्ट्रॉल बॉन्ड की कुल रकम का महज 9 फीसदी है। इस वर्ष इलेक्ट्रॉल बॉन्ड के जरिए पार्टियों को कुल 3,355 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें 2,555 करोड़ रुपये अकेले भाजपा के खाते में गए हैं।












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