Iran India Relations: ईरान के प्रतिनिधि ने भारत को बताया 3000 साल पुराना दोस्त, सुलह की संभावना पर भी की बात
Iran India Relations: ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष जारी है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत की स्थिति कूटनीतिक तौर पर बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दोनों देशों (भारत और ईरान) के संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि यह रिश्ता 3000 साल पुराना है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के मौजूदा हालात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी इस तरह की परिस्थितियां नहीं चाहता। अमेरिका के हमले के बाद ईरान को अपनी रक्षा करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि देश अपनी गरिमा, नैतिकता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए बलिदान देने को तैयार है।

Iran India Relations: भारत और ईरान के रिश्तों को बताया मजबूत
सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने भरोसा जताया कि भविष्य में ईरान की स्थिति बेहतर होगी। साथ ही उन्होंने भारत और ईरान के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 3000 साल पुरानी दोस्ती है और यह संबंध आगे भी मजबूत बने रहेंगे। बता दें कि भारत ने अब तक अपनी स्थिति संतुलन बनाने वाली रखी है।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के निधन के बाद भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने दूतावास में शोक जाहिर किया था। भारत के विदेश सचिव ने दूतावास में शोक संदेश भी लिखा। औपचारिक शोक सभा में कई दिग्गज कांग्रेस नेताओं और पूर्व मंत्रियों ने हिस्सा लिया।
Iran Israel Conflict: मिडिल ईस्ट में तनाव का असर वैश्विक
मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ दिनों से हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल है। कई देशों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और युद्ध की बजाय कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। भारत में रसोई गैस की कीमतों में 60 रुपये का इजाफा हुआ है। अगर जंग लंबी खिंचती है, तो इसका असर घर की ईएमआई से लेकर रसोई के बजट तक पड़ सकता है।












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