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आखिर 21 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस? क्या है इस साल की थीम? विस्तार से जानिए..

International Forest Day 2025: विश्व में कार्बन उत्सर्जन तेजी से बढ़ते जा रहा है और हर साल 13 मिलियन हेक्टेयर से अधिक जंगल नष्ट हो जाते हैं जो किसी एक यूरोपीयन देश के कुल क्षेत्रफल के बराबर है। चहुंओर विकास के नाम पर वनों की कटाई बढ़ती जा रही है और जंगलों का स्थान शहरी कंक्रीट ने ले ली है। इससे धरती के अस्तित्व पर खतरा बढ़ता जा रहा है।

वनों की सुरक्षा, जंगली जानवरों के हित को उजागर करने के लिए हर साल 21 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस (International Day of Forests) मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वनों के संरक्षण और उनके सतत विकास को बढ़ावा देना है। ये दिन हमें वनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी को याद रखने का मौका देता है।

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International Forest Day 2025: 21 मार्च को ही क्यों मनाते हैं वन दिवस?

हर साल दुनिया के कार्बन उत्सर्जन में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है जो वैश्विक परिवहन क्षेत्र से होने वाले सभी CO2 के लगभग बराबर है।

विश्व भर के वनों पर मंडराते खतरे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 दिसंबर 2012 को घोषणा की कि हर साल 21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया जाएगा। इस तरह पहली बार 21 मार्च 2013 को वन दिवस मनाया गया तब से हर साल इस दिन को दुनिया भर में कई चर्चाएं और कार्यक्रम होते हैं।

वन दिवस मनाने के लिए 21 मार्च की तारीख तय करने की असली वजह पृथ्वी की एक अहम प्रक्रिया थी। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में वसंत विषुव और दक्षिणी गोलार्ध में शरद विषुव के आसपास आता है। 21 मार्च को दिन और रात बराबर होते हैं, जो प्रकृति और पारिस्थितिकी संतुलन का प्रतीक है।

International Forest Day 2025: अंतरराष्ट्रीय वन दिवस 2025 की थीम

संयुक्त राष्ट्र हर साल वन दिवस के लिए एक थीम निर्धारित करता है। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस 2025 की थीम "वन और खाद्य" (Forests and Food) है। ये थीम खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालती है।

भारत वन स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक देश का 25 प्रतिशत हिस्सा पेड़ों और घने जंगलों से ढका हुआ है। भारत का कुल वन और आवरण 827,357 वर्ग किमी है जो देश के कुल क्षेत्रफल के 25% है। बता दें कि, 1988 की राष्ट्रीय वन नीति कहती है कि पारिस्थितिकी स्थिरता बनाए रखने के लिए भौगोलिक क्षेत्र का कम से कम 33% भाग वन से भरा होना चाहिए।

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