Infosys Layoff: इफोसिस ने एक साथ नौकरी से निकाल बाहर किए 700 कर्मचारी! मैसूर कैंपस में छंटनी के चलते मचा बवाल
Infosys Layoff: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने बड़े स्तर पर छंटनी की है। इंफोसिस के मैसूर कैंपस से लगभग 700 कर्मचारियों को बहार निकाकर कर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये वो फ्रेशर हैं जिन्हें कंपनी ने अभी छह महीने पहले ही नौकरी पर रखा था।
आईटी कर्मचारी संघ नैसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (NITES) ने इसे अतैतिक करार देते हुए इसकी कटु अलोचना की है। नीट्स ने खुलासा किया कि नौकरी पर रखे जाने के बाद चंद महीने बाद ही फ्रेशर्स को काम से निकाल दिया जा रहा है।

इन्फोसिस में बड़े पैमाने पर 700 लोगों की बर्खास्तगी के बाद बवाल मच गया है। इन सभी फ्रेशर्स ने सितंबर 2024 में इंफोसिस में अपना करियर ग्रेजुएशन के बाद दो साल तक इंतजार करने के बाद शुरू किया था।छह महीने बाद ही नौकरी से निकाला जाना इन फ्रेशर्स के करियर की शुरूआत में बड़े झटके के साथ बड़ा नुकसान है। नौकरी से निकाले जाने के बाद बड़ी संख्या में ये नौजवान मैसुर के स्टेशन पर घर वापस जाने के लिए नजर आए।
इन्हें ये चिंता सता रही थी कि ये अब अपने परिवारों को नौकरी चली जाने की खबर कैसे देंगे? जिन्होंने खुशी-खुशी अभी छह महीने पहले ही नौकरी के लिए घर से खुशी-खुशी विदा किया था।
NITES के प्रेसिडेंट हरप्रीत सिंह सलूजा ने कहा ये "चौंकाने वाला अनैतिक कदम है। इंफोसिस कंपनी ने लगभग 700 कर्मचारियों को जबरदस्ती नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है, इन्होंने कुछ ही महीने पहले नौकरी ज्वाइन की थी।"
कंपनी छंटनी करते हुए फ्रेशर्स को ऐसे डरा रही
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार NITES ने आरोप लगाया कि कंपनी कि कर्मचारी कोई विरोध ना करें, उन्हें डराने धमकाने के लिए नौकरी से नौकरी से बर्खास्त किए जानेे के दौरान बांउसर और सिक्योरिटी कर्मी को भी बड़ी संख्या में कंपनी में तैनात किया गया है।
सोशल मीडिया पर लोग निकाल रहे गुस्सा
इंफोसिस से 700 लोगों को नौकरी निकाले जाने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्साबढ़ गया है। लोग बेरोजगार हुए युवाओं के प्रति सहानभूति व्यक्त करते हुए कंपनी को भला-बुरा कह रहे हैं।
फ्रेशर्स को ऑफर लेटर मिलने के 2 साल बाद मिली थी नौकरी
ये यूजर ने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफार्म पर लिखा "ये वास्तव में दिल तोड़ने वाला है। इस फ्रेशर्स ने इंफोसिस से ऑफर लेटर मिलने के बाद दो से ढ़ाई साल बाद तक नौकरी के लिए इंतजार किया और आखिरकार जब सिंतंबर 2024 में ये कंपनी में शामिल हुए और अब छह महीने बाद ही नौकरी से निकाल बाहर कर दिया गया है।
इंफोसिस से लोगों का भरोसा उठ गया है
यूजर्स कह रहे है कि भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक पर अपना भरोसा खो दिया है। वहीं एक और यूजर ने लिखा इस छंटनी से लोगों के जीवन बड़ा निगेटिव प्रभाव पड़ता है। 2025 में बड़ी संख्या में युवाओं को छंटनी सहनी पड़ेगी, उनकी नौकरी जाने से वो बेरोजगार हो जाएंगे और उनकी शादी भी नहीं होगी












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