इंद्राणी मुखर्जी को किसने कर दिया कंगाल? हड़प लिए गहने और 7 करोड़ रुपए, बेटी ने कोर्ट में किया बड़ा खुलासा
शीना बोरा मर्डर केस (Sheena Bora Murder Case) में एक बड़ा ट्विस्ट आया है। कोर्ट में गवाही देते हुए विद्ही मुखर्जी (Vidhie Mukerjea) ने दावा किया कि उन्होंने कभी जांच एजेंसियों को कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने साफ कहा कि सीबीआई (CBI) की चार्जशीट में जो दस्तावेज उनके बयान के तौर पर लगाए गए हैं, वो नकली और फर्जी हैं।
विद्ही, पूर्व मीडिया एग्जीक्यूटिव इंद्राणी मुखर्जी (शीना बोरा की मां और आरोपी) और उनके एक्स-हसबैंड संजय खन्ना (आरोपी और विद्ही के पिता) की बेटी हैं।

विद्ही का आरोप: फर्जी बयान बनवाया गया
विद्ही ने कोर्ट को बताया कि उन्हें सीबीआई दफ्तर बुलाकर ढेर सारे डॉक्यूमेंट्स पर साइन करवाए गए। इनमें ई-मेल की कॉपियां और खाली कागज भी शामिल थे। लेकिन ये बयान उनके नहीं थे। विद्ही ने कहा कि, 'चार्जशीट में जो बयान मेरे नाम से लगे हैं, वो मैंने कभी दिए ही नहीं। ये फर्जी और मनगढ़ंत हैं।'
मां के खिलाफ साजिश का दावा
विद्ही का कहना है कि उनकी मां इंद्राणी मुखर्जी (आरोपी और विद्ही की मां) को फंसाने के लिए ये सब रचा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल मुखर्जी (पीटर मुखर्जी का बेटा) और रबिन मुखर्जी (पीटर मुखर्जी का दूसरा बेटा) ने उनकी मां के करोड़ों के गहने और करीब ₹7 करोड़ बैंक से निकाल लिए थे। विद्ही के मुताबिक, इसी वजह से उनका मकसद साफ था-इंद्राणी को फंसाना ताकि उन्हें पैसा वापस न करना पड़े।
पारिवारिक कलह और धमकियों का दावा
विद्ही ने कहा कि 2015 में मां की गिरफ्तारी के बाद हालात और बिगड़ गए।
- रिश्तेदार घर में आकर इंद्राणी की चीजों पर झगड़ने लगे।
- रबिन मुखर्जी (पीटर का बेटा) ने उन्हें धमकाया कि या तो वो 'मुखर्जी क्लान' के साथ रहें वरना फैमिली प्रॉपर्टी से बेदखल कर दी जाएंगी।
- विद्ही के अनुसार, राहुल और रबिन ने मिलकर नया लॉकर खुलवाया और उसमें गहने रखे जो इंद्राणी के थे।
शीना बोरा और विद्ही का रिश्ता
विद्ही ने कहा कि शीना बोरा (इंद्राणी की बेटी और हत्या की शिकार) ने खुद को उनके सामने इंद्राणी की 'बहन' के रूप में पेश किया था। शुरू में इंद्राणी और शीना का रिश्ता अच्छा था, लेकिन हालात तब बिगड़े जब राहुल मुखर्जी (पीटर का बेटा और शीना का बॉयफ्रेंड) उनके घर आने लगा। विद्ही के मुताबिक, राहुल और शीना दोनों ड्रग्स लेने लगे थे।
केस में पुलिस और सीबीआई का दावा
जांच एजेंसियों के अनुसार:
- अप्रैल 2012 में शीना बोरा (24 वर्ष) की हत्या इंद्राणी मुखर्जी (मां और आरोपी), उनके ड्राइवर श्यामवर राय (आरोपी से गवाह बने) और संजय खन्ना (विद्ही के पिता, आरोपी) ने मिलकर की।
- शीना को कार में गला घोंटकर मारा गया और उसकी लाश रायगढ़ के जंगल में जलाकर फेंक दी गई
- 2015 में श्यामवर राय (ड्राइवर) की गिरफ्तारी के बाद यह राज सामने आया।
क्यों हिल सकती है केस की बुनियाद?
विद्ही उस वक्त नाबालिग थीं और अब मुख्य गवाह (key witness) के तौर पर सामने आई हैं। अगर उनका दावा सही साबित होता है कि चार्जशीट में फर्जी बयान जोड़े गए, तो यह न केवल सीबीआई की जांच बल्कि पूरे केस की बुनियाद को हिला सकता है।












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