आईएनएस त्रिकंद ने क्रिया फ्रांस में प्रवेश, जानिए महत्वपूर्ण बातें
भारतीय नौसेना के पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप में विदेशी तैनाती के क्रम में, आईएनएस त्रिकंद ने आज तीन दिवसीय यात्रा के लिए टूलॉन, फ्रांस में प्रवेश किया। यह जहाज अपने प्रवास के दौरान फ्रांसीसी नौसेना के साथ बड़े पैमाने पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेगा।
पेशेवर बातचीत के अलावा अनेक खेल और सामाजिक कार्यक्रमों की भी योजना बनाई गई है जो दीर्घकालीन रूप से समुद्री हित के आपसी लाभदायक मुद्दों के लिए सहयोग और समझ को बढ़ावा देंगी। भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाएं नियमित तौर पर द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास करती हैं, जिसे ‘वरुण' के रूप में जाना जाता है। यह दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री संबंधों का आधार है।
इस अभ्यास से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें-
- भारतीय नौसेना की परिसंपत्तियां मित्र देशों के साथ 'दोस्ती के पुल' के निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने की ओर यह सक्रिय कदम है।
- अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती सहित इस क्षेत्र में समुद्री चिंताओं के समाधान के लिए भारतीय नौसेना के मिशन के हिस्से के रूप में तैनात की जाती हैं।
- भारत और फ्रांस के बीच परंपरागत रूप से संबंध घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण रहे हैं।
- 1998 में रणनीतिक भागीदारी की स्थापना के साथ रक्षा, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष सहित द्विपक्षीय सहयोग के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
- दोनों देश ‘वरुण' कोड नाम से उच्च स्तरीय वार्षिक अभ्यास का आयोजन करते हैं।
- भारत और फ्रांस ने स्कॉर्पियन पनडुब्बी कार्यक्रम में भी सहयोग कर रहे हैं। जिसके तहत भारत में छह पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है।
- कप्तान विनय कालिया की कमान वाला आईएनएस त्रिकंद भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक लड़ाकू जहाज है जो हवा, सतह और उप-सतह तीनों आयामों में खतरों का सामना करने में सक्षम बहुउपयोगी श्रृंखला के हथियारों और सेंसरों से सुसज्जित है।
- भ्रमणकारी जहाज भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का हिस्सा है जो फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पश्चिमी नौसेना कमान की परिचालन कमान के अधीन है, जिसका मुख्यालय मुम्बई में है।













Click it and Unblock the Notifications