भारत की तालिबान से मुलाकात पर विदेश मंत्रालय का बयान, कहा- हमारा मकसद...
नई दिल्ली, 02 सितंबर: अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के जाने के बाद अब वहां की सत्ता पर तालिबानी हुकूमत का बोलबाला हो गया है। साथ ही नई हुकूमत को लेकर तालिबान की बैठकों का दौर भी लगातार जारी है।वही पाकिस्तान के साथ ही चीन ने तालिबानी सत्ता को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। इधर, तालिबान ने भारत के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। मंगलवार को दोहा में भारत के राजदूत ने तालिबान प्रतिनिधि से मुलाकात भी की थी। वहीं अब गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची का तालिबान के साथ मीटिंग पर बयान सामने आया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि अफगानिस्तान में किस तरह की सरकार बन सकती है इसके बारे में हमें कोई विस्तार से जानकारी नहीं है। वहीं तालिबान के साथ बैठक के बारे में भी जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास उसे लेकर कोई अपडेट नहीं है। उन्होंने तालिबान के साथ आगे की बैठकों के रोडमैप पर कहा कि यह हां और ना की बात नहीं है। हमारा उद्देश्य है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि के लिए ना हो।
फिर से शुरू होगा एयरलिफ्ट
वहीं काबुल एयरपोर्ट पर उड़ानों को लेकर अरिंदम बागची ने कहा कि मौजूदा वक्त में काबुल एयरपोर्ट चालू नहीं है। ऐसे में जैसे ही सेवा फिर से शुरू होगी, हम काबुल से लोगों को निकालने के लिए अपना अभियान फिर से शुरू करेंगे।
दोहा में भारत की तालिबान से मुलाकात
आपको बता दें कि 15 अगस्त को अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा के 16 दिन मंगलार को तालिबानी नेता के साथ भारत राजदूत की मुलाकात हुई थी। दोहा में राजदूत दीपक मित्तल ने तालिबान प्रतिनिधि स्टेनकजई से मीटिंग की थी। तालिबान प्रवक्ता शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई ने बताया था कि हमारी सरकार भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहती है।
भारत से तालिबान चाहता है दोस्ती
हालांकि इस मुलाकात के कई मायने भी सामने आए हैं, जिनमें एक यह है कि भारत तालिबान के साथ संबंध बनाना चाहता है, लेकिन ये संबंध किस तरह के होंगे यह सब तालिबान पर निर्भर करता है। इधर, भारतीय राजदूत के मुताबिक अफगानिस्तान की जमीन से किसी भी तरह की भारत विरोधी गतिविधि और आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। जिस पर तालिबान ने पॉजिटिव रिस्पॉन्स दिया है।












Click it and Unblock the Notifications