Indian Idol 11: दोस्‍त से उधार लेकर ऑडीशन में पहुंचे थे सनी हिंदुस्‍तानी, अब मिला ये बड़ा ऑफर

बेंगलुरु। कहते हैं कि अगर हुनर के साथ लगन और सच्‍ची मेहनत की जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं हैं। इंडियन आइडल 11के विजेता सनी हिंदुस्‍तानी ने ऐसा ही कुछ कर दिखाया हैं। रविवार को इंडियन आइडल 11 के गैंड फिनाले में घोषित किए गए सनी हिंदुस्‍तानी संगीत की दुनिया के रातों रात स्‍टार बन चुके हैं। विजेता सनी हिंदुस्तानी को देशभर का प्यार मिल रहा हैं।

टी सीरीज ने दिया ये ऑफर

टी सीरीज ने दिया ये ऑफर

अपनी सुरीली आवाज से हिंदुस्‍तान का दिल जीतने वाले सनी को नेहा कक्कड़ के शो को जीतने के बाद फिल्मों में गाने की ऑफर्स मिलने लगे हैं। जहां उन्हें शो पर ही एक प्रोजेक्ट के लिए साइन किया गया था वहीं अब उन्हें टी-सीरीज के साथ काम करने का मौका मिल गया हैं। अमरपुरा बस्ती, बठिंडा, पंजाब के रहने वाले सनी हिंदुस्तानी को टी-सीरीज के हेड भूषण कुमार ने सनी को ट्रॉफी देते हुए फोटो पोस्ट करते हुए इस बात का ऐलान किया है। उन्होंने लिखा, 'सनी हिंदुस्तानी बेहद टैलेंटेड हैं और मुझे उन्हने इंडियन आइडल 11 के विजेता की ट्रॉफी देते हुए बहुत खुशी हुई। हमारे आने वाले गानों पर उनके साथ काम में मजा आएगा।

दोस्‍त ने ही बढ़ाया था हौसला

दोस्‍त ने ही बढ़ाया था हौसला

मीडिया को दिए गए इंटरव्‍यू में सनी ने कहा एक विजेता के तौर पर मेरा नाम घोषित हुआ तो कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाया कि क्या हो गया। आखिरकार मेरी मां का आर्शीवाद काम आया और मेरे हाथ में ये जगमगाती ट्राफी आयी। इंडियन आइडियल 11 में आने से पहले सनी को इसके बारे में कुछ पता भी नहीं था, उनके दोस्‍त ने उन्‍हें बताया कि मुबंई में सिंगिंग शो का ऑडीशन हो रहा है। उसी दोस्‍त ने सनी का हौसला बढ़ाया और कि तुम अच्‍छा गाते हो, तुम्हें खुद को एक मौका देना चाहिए तब सनी ने उसे मना कर दिया था।

दोस्‍त ने दिए थे 2000 हजार रुपये उधार

दोस्‍त ने दिए थे 2000 हजार रुपये उधार

सनी के मुंबई जाने से मना करने के पीछे उसकी गरीबी थी। बता दें इंडियन आइडियल क 11 में विजेता बनकर ट्राफी के साथ 25 लाख का इनाम जीतने वाले सनी बचपन से गरीबी में जीवन बिता रहे थे। उनकी मां लोगों के घरों में काम करती, गुब्बारे बेचती और सनी सड़क किनारे बैठ कर लोगों के जूते पालिश करके अपना पेट पालते थे। लेकिन दोस्‍त की सलाह पर उसने रात भर सोचा और उसने निर्णय लिया कि अगर मुझे कुछ बड़ा करना है तो खुद को एक मौका देना होगा। जब मां से इसके बारे में बात की तो उन्‍होंने मुंबई जाने के लिए पैसा न होने की बात कही। तो उसी दोस्‍त ने दो हजार रुपये उधार लिए और ऑडीशन दिया।

 हमेशा खास रहेंगे 2 हजार रुपए, इन्हीं से जिंदगी बदली

हमेशा खास रहेंगे 2 हजार रुपए, इन्हीं से जिंदगी बदली

सनी जब ऑडिशन देने पहुंचे तो वहां प्रतिभागियों की भीड़ को देखकर घबरा गए थे उन्‍हें तब नहीं सोचा था कि वो सलेक्‍ट हो जाएंगे। सनी बताते हैं कि जब मुझे गोल्डन माइक मिला तब मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ गया। उसके बाद मैंने दोगुनी मेहनत करना शुरू कर दी और मेहनत का नतीजा सही मिला। हाथ में ट्राफी होने के बावजूद उनकी मां को यकीन नहीं हो रहा था कि उनका बेटे इस मुकाम पर पहुंच चुका हैं। सनी कहते हैं कि आज मैं 25 लाख जीत गया हूं पर कितना भी पैसा कमा लूं लेकिन दोस्‍त के दिए 2 हजार रुपए मेरी जिंदगी बदल ली वो रुपये मेरे लिए हमेशा स्पेशल रहेंगे।'

दरगाह में शुरु हुआ था सनी की गायिकी का सफर

दरगाह में शुरु हुआ था सनी की गायिकी का सफर

मां सरस्वती का विशेष आशीर्वाद पाए सनी की आवाज में लोगों को उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की छवि दिखाई पड़ती है, गाने का शौक सनी को बचपन से था, सनी हिंदुस्तानी ने कभी भी संगीत की कोई शिक्षा नहीं ली है, बावजूद इसके उनके सुरों के आगे बड़े-बड़े संगीत पुरोधा भी आज नतमस्तक हैं।दरगाह से शुरू हुआ था सनी हिंदुस्तानी की गायकी का सफर एक एपीसोड के दौरान सनी ने बताया था कि जब वह बहुत छोटे थे तब उन्होंने पहली बार नुसरत फतेह अली खान का गाना 'वो हटा रहे हैं परदा' एक दरगाह पर सुना था। उस गाने को सुनकार वह रोने लगे। बस यही से उन्हें गायकी का शौक लगा। इसके बाद वह नुसरत फतेह अली खान सहित अनेक गायकों को गाना शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने स्टेज पर गाना शुरू किया और लोगों को उनकी आवाज काफी पसंद आने लगी और वो अपने आस-पास के लोगों में पहचाने जाने लगे।

इनके साथ काम करने की सनी की है ख्‍वाहिश

इनके साथ काम करने की सनी की है ख्‍वाहिश

सनी बताते हैं कि इंडियन आइडल से पहले उनकी जिंदगी बड़ी कठिनाइयों में गुजरा। उन्‍होंने कहा आज मैं उन सभी का शुक्रगुज़ार हूं जो मुझे पहले ताने मारते थे क्योंकि अगर वो नहीं ऐसा करते तो मुझमे आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं आती। मां ने गुब्बारें बेचकर हमें पाला है और उनका आभार जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। सनी बहुत छोटे थे तभी उनक पिता की मृत्यु हो गई थी।। खुद का पेट नहीं भर पाता था, संगीत सीखना तो बहुत दूर की बात है। पर हां अब आगे जाकर जरूर कुछ सीखूंगा। अब तक मैं बॉलीवुड की दो फिल्मों में गाना गा चूका हूं। आगे चलकर एआर रहमान, हिमेश रेशमिया और विशाल ददलानी के साथ काम करने की ख्वाहिश हैं। मुंबई में अपने सपने लेकर आया था और अब इसी सपनों की नगरी में बस जाने की ख्‍वाहिश हैं।

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