बांग्लादेश में हिंसा, भारतीय उच्चायोग ने जारी किया 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर, लोगों से सतर्क रहने को कहा
बांग्लादेश में जिस तरह से आरक्षण के मुद्दे पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं उसे देखते हुए बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने एडवाइजरी जारी की है।
भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वो ढाका में भारतीय उच्चायोग की एडवाइजरी का पालन करें। भारतीय नागरिकों की किसी भी तरह की मदद के लिए हाई कमीशन और असिस्टेंट हाई कमीशन हेल्पलाइन नंबर पर उपलब्ध हैं।

हाई कमीशन की ओर से जारी गए गए हेल्पलाइन नंबर
असिस्टेंट हाई कमीशन ऑफ इंडिया, चिटगांव: 880-1814654797 / 880-1814654799 (WhatsApp पर भी उपलब्ध)
असिस्टेंट हाई कमीशन ऑफ इंडिया, सिलहेट: 880-1313076411 (WhatsApp पर भी उपलब्ध)
असिस्टेंट हाई कमीशन ऑफ इंडिया, खुलना: 880-1812817799 (WhatsApp पर भी उपलब्ध)
सतर्क रहें
सरकार ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि जरूरत ना हो तो बांग्लादेश की यात्रा करने से बचें। आपातकालीन स्थिति में बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों को भारतीय उच्चायोग की ओर से 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही लोगों से सतर्क रहने और बड़ी सभाओं या प्रदर्शनों से बचने को कहा गया है।
बता दें कि बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता का विरोध शुरू हो गया है। विरोध प्रदर्शन में कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों की जान चली गई है। छात्र हिंसा मुक्त परिसर और कोटा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।
बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों और छात्रों को बढ़ती अशांति के कारण अनावश्यक यात्रा से बचने और अपनी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी गई है। ढाका में भारतीय उच्चायोग ने राजधानी में छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पों के बाद यह सलाह जारी की है।
ढाका में गुरुवार को स्थिति और खराब हो गई क्योंकि यहां अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई ब्रैक यूनिवर्सिटी के पास मेरुल बड्डा में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें कीं। जिसमें कई लोग घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिससे यातायात में ठप हो गया।
साथ ही छात्रों ने प्रगति सरानी पर बशुंधरा आवासीय क्षेत्र के प्रवेश द्वार को जाम कर दिया और ढाका-चटगांव राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इससे सार्वजनिक परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
वहीं मीरपुर 10 गोल चक्कर और आस-पास के इलाकों में भी भारी पुलिस बल की मौजूदगी देखी गई, साथ ही कई स्थानीय बाजार और दुकानें बंद कर दी गईं।












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