इनसे मिलिए, ये भारतीय लड़का है दुनिया का सबसे कम उम्र का योगा टीचर
नई दिल्ली, 20 फरवरी। 9 साल के भारतीय लड़के ने अपने नाम ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसे जानकर हर भारतीय का सिर गर्व से उठ जाएगा। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक 9 साल की उम्र के रेयांश सुरानी ने दुनिया के सबसे कम उम्र के सर्टिफाइट योग प्रशिक्षक बनने का कारनामा कर दिखाया है।

ऐसे बना योग से रिश्ता
भारतीय मूल के रेयांश अपने माता-पिता के साथ दुबई में रहते हैं। योग से रेयांश का रिश्ता बेहद ही कम उम्र से बन गया था जब वे अपने माता-पिता को रूटीन प्रैक्टिस में योग करते देखा करते थे। 4 साल की उम्र में रेयांश खुद अपने माता-पिता के साथ योग में हिस्सा लेने लगे थे। रेयांश के लिए पहली बार प्रोफेशनल योग प्रशिक्षण में हिस्सा लेने का मौका तब मिला जब उनके पिता भारत के उत्तराखंड स्थिति तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।

ऋषिकेश में आए योग के करीब
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने रेयांश की उपलब्धियों को लेकर यू-ट्यूब पर व्लॉग जारी किया है जिसमें रेयांश ने अपने बारे में बताया है। इसी व्लॉग में रेयांश ने दुबई और ऋषिकेश की लाइफ स्टाइल में अंतर को महसूस किया। उन्होंने बताया कि पहली बार वह जीवन में बिना इंटरनेट और एयर कंडीशन जैसी आधुनिक सुविधाओं के बिना रहे थे। इस प्रवास ने रेयांश के जीवन पर बहुत गहरा असर डाला। जाहिर है इसमें योग का योगदान सबसे ज्यादा था जिसने उन्हें खुद को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

जब योग ने बदली जिंदगी
रेयान ने बताया कि बहुत जल्द ही वह बिना आधुनिक सुख-सुविधाओं वाली जीवनशैली के बिना रहने के आदी हो गए और योग प्रशिक्षण के सत्र का आनंद लेने लगे थे। नया माहौल उन्हें प्रकृति के करीब ले आया। रेयांश ने बताया कि पहले उन्हें लगता था कि योग केवल शारीरिक व्यायाम और सांस लेने के बारे में है लेकिन प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद उन्हें अहसास हुआ कि यह सिर्फ बाहर ही नहीं बल्कि अंदर तक असर करता है।

सबसे कम उम्र के योग शिक्षक
प्रशिक्षण के दौरान आयुर्वेद के महत्वपूर्ण हिस्सों से भी रेयांश का परिचय हुआ। रेयांश का मन योग में ऐसा रमा कि उन्होंने 200 घंटे का योग प्रशिक्षक का ट्रेनिंग कोर्स पूरा किया जिसके बाद उन्हें योग प्रशिक्षक का प्रमाण पत्र दिया गया। जब उन्हें यह प्रमाण पत्र दिया गया तो उनकी उम्र 9 साल 220 दिन थी। इस तरह वे दुनिया के सबसे कम उम्र के सर्टिफाइड योग प्रशिक्षक है।
वर्तमान में कोरोना प्रतिबंधों के चलते रेयांश 10-15 सीखने वालों को लेकर योग कक्षाएं चलाते हैं। हालांकि अभी योग शिक्षक के तौर पर उन्होंने भविष्य की कोई योजना नहीं बनाई है लेकिन वे कहते हैं कि योग सिखाना उन्हें संतुष्टि और पूर्णता प्रदान करता है।












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