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RTI से हुआ खुलासा, दिवालिया होने की राह पर बढ़ रहा है भारतीय बैंकिंग सेक्टर

By Rahul Sankrityayan
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नई दिल्ली। भारतीय बैंकिंग सेक्टर में दिवालिएपन की ओर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। बीते साढ़े पांच सालों में बैंकों की 3 लाख 67 हजार 765 करोड़ रुपए समझौते के तहत राइट ऑफ की गई है। इतना ही नहीं अब इससे ज्यादा की रकम राइट ऑफ करने की आशंका बढ़ रही है। सूचना के अधिकार 2005 के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जो जानकारी दी गई है, वो चौंकाने वाली है। RBI के अनुसार साल 2012-13 से सितंबर 2017 तक सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों ने समझौते समेत 36,7765 करोड़ रुपए राइट ऑफ किए हैं। इसमें 27 बैंक सार्वजनिक क्षेत्र के हैं और 22 निजी बैंक है।

दिवालिया होने की राह पर बढ़ रहा है भारतीय बैंकिंग सेक्टर

चंद्रशेखर गौड़ को आरबीआई से मिल जवाब में यह कहा गया हैकि बैंकों की ओर से राइट ऑफ की जाने वाली राशि लगातार बढ़ रही है। साल 2012 -13 में जो राशि 32,127 करोड़ रुपए थी वो 2016-17 में बढ़कर 103202 करोड़ रुपए हो गई। आंकड़े के अनुसार साल 2013-14 में 40870 करोड़, साल 2014-15 में 56144 करोड़, साल 2015-16 में 69210 करोड़ राशि राइट ऑफ किए गए। साल 2017-18 के अप्रैल से सितंबर के बीच 66162 करोड़ की रकम राइट ऑफ की गई।

आंकड़ों से यह पता चलता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) के बैंकों के मुकाबले लगभग पांच गुना ज्यादा की राशि राइट ऑफ की है। निजी क्षेत्र के बैंकों ने साढ़े पांच साल में 64187 करोड़ की रकम राइट ऑफ की तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने इसी दौरान में 303578 करोड़ की रकम को राइट ऑफ किया है।

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English summary
indian banking sector is on the brink of bankruptcy?
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