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एडल्‍ट्री कानून सेक्‍शन 497 खत्‍म होने से नाखुश है सेना, करेगी सुप्रीम कोर्ट में फिर से अपील

नई दिल्‍ली। इंडियन आर्मी पिछले वर्ष एडल्‍ट्री से जुड़े कानून पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाखुश है। उसका मानना है कि एडल्‍ट्री यानी व्‍याभिचार से जुड़ा कानून खत्‍म होने पर सेना में अलग-अलग रैंक्‍स के ऑफिसर्स के बीच अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिल सकता है। सेना ने इस मसले को खासतौर पर रक्षा मंत्रालय के सामने उठाया है और माना जा रहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ अपील कर सकती है। सेना के दो ऑफिसर्स की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एडल्‍ट्री को अपराध मानने से इनकार कर दिया था औा इससे जुड़ी आईपीसी की धारा 495 को भी खत्‍म कर दिया था।

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अनुशासनहीनता बढ़ने का डर

13 लाख अफसरों और जवानों की क्षमता वाली सेना इस बात को लेकर चिंतित है कि कानून के खत्‍म होने से अलग-अलग रैंक्‍स के ऑफिसर्स और जवानों के बीच अनुशासनहीनता बढ़ सकती है। एक आर्मी ऑफिसर की ओर से कहा गया है कि जल्‍द ही इस मामले में सेना सुप्रीम कोर्ट जाएगी। सेना में अपने साथी ऑफिसर की पत्‍नी के साथ अफेयर या संबंध रखने को एक गंभीर अपराध माना जाता है और इस अपराध का कायरता के नजरिए से देखा जाता है। इस मामले में दोषी साबित होने पर आरोपी को मौत की सजा तक मिल सकती है। साथी अफसर की पत्‍नी के साथ संबंध को सेक्‍शन 497 से ताकत मिलती है। यह कानून अकेला कानून नहीं है और तीनों सेनाओं में इसी तरह के कुछ और प्रावधानों को भी शामिल किया गया है। सेनाओं में दोषी ऑफिसर को आमतौर पर सेना से निकाल दिया जाता है।

कर्नल के कोर्ट मार्शल को किया खारिज

एक सीनियर ऑफिसर की मानें तो सेक्‍शन 497 के खत्‍म होने की वजह से एक मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है। इस ऑफिसर की मानें तो ऑफिसर्स और जवान कई महीनों तक अपने घर परिवार से दूर रहते हैं। ऐसे में इस तरह के व्‍यवहार से निबटना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 में एडल्‍ट्री को अपराध मानने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 19वीं सदी का यह एक ऐसा कानून है जिसमें पति को एक मालिक के तौर पर दिखाने की कोशिश की जाती है। कोर्ट ने इसे पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया था। उस समय के मुख्‍य न्यायधीश चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने अपने फैसले में कहा था कि एडल्‍ट्री कानून एक महिला के सम्‍मान का हनन करता है। इस वर्ष जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने एडल्‍ट्री के दोषी कर्नल की जनरल कोर्ट मार्शल प्रक्रिया (जीसीएस) पर रोक लगा दी थी। सर्विंग कर्नल के खिलाफ मार्च 2016 में एक रिटायर्ड ऑफिसर की पत्‍नी के साथ संबंध रखने के आरोप साबित हुए थे। अभी तक सेना में एक्‍स्‍ट्रा मैरिटल अफेयर्स को आर्मी एक्‍ट के तहत देखा जाता था।

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