अंबाला में राफेल की स्क्वाड्रन के साथ महिला फाइटर पायलट, क्या मिलेगा जेट उड़ाने का मौका!
अंबाला। हरियाणा के अंबाला स्थित इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) स्टेशन पर 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को पहली महिला फाइटर पायलट मिल सकती है। यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह स्क्वाड्रन अब राफेल जेट की स्क्वाड्रन है। ऐसे में अगर महिला पायलट की तैनाती होती है तो फिर हो सकता है कि उन्हें राफेल जेट को उड़ाने की जिम्मेदारी दी जाए। इंडिया टुडे की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है। अंबाला की 17 गोल्डन एरो-स्क्वाड्रन पूरी तरह से पुरुषों के वर्चस्व वाली स्क्वाड्रन है।

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10 सितंबर को बने IAF का हिस्सा
29 जुलाई को भारत आने के बाद 10 सितंबर को राफेल जेट औपचारिक तौर पर आईएएफ में शामिल हुए हैं। अगस्त माह से राफेल जेट लद्दाख में उड़ान भर रहे हैं। अक्टूबर और दिसंबर माह में कुछ और राफेल आने वाले हैं। भारत और फ्रांस के बीच साल 2016 में 36 राफेल की डील हुई थी। साल 2021 तक सभी राफेल पूरी तरह से वायुसेना का हिस्सा बन जाएंगे। अभी तक यह पता नहीं लग सका है कि कौन सी महिला पायलट को अंबाला में तैनात किया जाएगा, इस बात की कोई जानकारी फिलहाल नहीं है। इस पायलट ने अपनी ट्रेनिंग को पूरा कर लिया है और मिग-21 फाइटर जेट को सफलतापूर्वक उड़ा रही हैं।
IAF में 10 महिला फाइटर पायलट
साल 2016 में आईएएफ में पहली बार तीन महिला पायलट को शामिल किया गया था। फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनि चतुर्वेदी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह को बतौर फाइटर पायलट कमीशन दिया गया था। आईएएफ में इस समय 10 महिला फाइटर हैं। ये पायलट सुखोई-30 जेट से लेकर मिग-29 यूपीजी तक को उड़ा रही हैं। आईएएफ में इस समय 4,231 पायलट हैं और 300 पायलट की कमी से वायुसेना जूझ रही है। चार हजार से ज्यादा पायलट फाइटर जेट्स के अलावा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर तक उड़ाते हैं।












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