लद्दाख में फंसे इजरायली नागरिक को वायुसेना ने बचाया, खतरनाक ऊंचाई पर नहीं आ रही थी सांस
श्रीनगर, अगस्त 20। देश के अंदर जब भी कोई आपात स्थिति आती है तो भारत की थल, वायु और जल सेना की मदद ली जाती है। तीनों सेनाएं युद्ध की स्थिति के अलावा देश के अंदर किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए भी हमेशा तैयार रहती हैं, लेकिन भारतीय सेना ने लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाके पर एक इजरायली नागरिक की जान बचाकर हिम्मत का एक नया उदाहरण पेश किया है।

वायुसेना ने किया रेस्क्यू
दरअसल, शनिवार को लद्दाख में ऊंचाई वाले इलाके पर इजरायल का एक नागरिक पर्वतारोहण के लिए पहुंचा था, लेकिन उस शख्स को अधिक ऊंचाई और खराब मौसम होने के कारण एक्यूट माउंटेन सिकनेस की समस्या हुई। इस परेशानी में सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसे में इसकी जानकारी श्रीनगर में आर्मी को मिली। जानकारी मिलती ही वायुसेना की मदद से इस नागरिक को सकुशल वहां से रेस्क्यू कर लिया गया।

मरखा घाटी से मिली थी इजरायली नागरिक की सूचना
श्रीनगर स्थित रक्षा प्रवक्ता कर्नल इमरोन मुसावी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 10:40 बजे 114 हेलिकॉप्टर यूनिट को आकस्मिक निकासी की सूचना मरखा घाटी के पास स्थित निमालिंग कैंप से मिली थी। जानकारी कुछ इस तरह थी कि नोआम गिल नाम का इजरायली नागरिक एक्यूट माउंटेन सिकनेस का शिकार हो है और उसे सांस लेने में बहुत तकलीफ हो रही है। उसके शरीर का ऑक्सीजन लेवल घटकर 68 प्रतिशत पर आ गया था।

20 मिनट में रेस्क्यू के लिए निकल गया था हेलीकॉप्टर
सूचना मिलते ही भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर 20 मिनट में उस जगह के लिए निकल गया, जहां नोआम गिल फंसा हुआ था। वायुसेना की टीम गिल को हेलीकॉप्टर की मदद से लेह लेकर आई और फिर बाद में उसे मेडिकल सपोर्ट पर रखा गया। गिल को बचाने के लिए विंग कमांडर आशीष कपूर के नेतृत्व में फ्लाइट कमांडर 114 हेलीकॉप्टर यूनिट फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुशाग्र सिंह और विंग कमांडर एस बदियारी और स्क्वाड्रन लीडर एस नागपाल के साथ मिशन पर निकल गए।












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