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हाफिज सईद मिल्‍ली मुस्लिम लीग आतंकी संगठन घोषित, भारत ने किया अमेरिका के फैसले स्‍वागत

भारत ने अमेरिका के उस फैसले के स्‍वागत किया है जिसमें मोस्‍ट वांटेंड आतंकी हाफिज सईद की राजनीतिक पार्टी मिल्‍ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को आतंकी संगठन घोषित किया है।

नई दिल्‍ली। भारत ने अमेरिका के उस फैसले के स्‍वागत किया है जिसमें मोस्‍ट वांटेंड आतंकी हाफिज सईद की राजनीतिक पार्टी मिल्‍ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को आतंकी संगठन घोषित किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को कहा गया है कि अमेरिका के फैसले से साफ होता है कि पाकिस्‍तान ने अभी तक आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई एक्‍शन नहीं लिया है। इसके साथ ही भारत की इस मु्द्दे पर जो स्थिति है वह भी अब साफ हो गई है। अमेरिका ने मंगलवार को हाफिज सईद की संस्‍था जमात-उद-दावा (जेयूडी) का हिस्‍सा और हाफिज सईद की राजनीतिक पार्टी मिल्‍ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर दिया है।

सात सदस्‍य भी विदेश आतंकी घोषित

सात सदस्‍य भी विदेश आतंकी घोषित

अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से मंगलवार को पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा की स्थिति में कुछ बदलाव किए गए और साथ ही तहरीक-ए-आजादी-ए-कश्‍मीर (टीएजेके) को भी आतंकी संगठन के तहत ला दिया है। अमेरिका ने लश्‍कर से जुड़े रहने वाले उन सात सदस्‍यों को भी विदेशी आतंकी घोषित कर दिया है जो एमएमएल में शामिल हैं। विदेश विभाग की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी करके इसकी जानकारी दी गई है। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से इमीग्रेशन एंड नेशनलि‍टी एक्‍ट के सेक्‍शन 219 के तहत लश्‍कर को फॉरेन टेररिस्‍ट ऑर्गनाइजेशन (एफटीओ) की श्रेणी में डाल दिया है।

किस नियम के तहत लगाया प्रतिबंध

किस नियम के तहत लगाया प्रतिबंध

इसके अलावा इसी आतंकी संगठन को एग्जिक्‍यूटिव ऑर्डर 13224 के स्‍पेशली डेजिगनेटेड ग्‍लोबल टे‍ररिस्‍ट (एसडीजीटी) के तहत रखा है। इस श्रेणी में आने के बाद आतंकी संगठन को किसी भी तरह के आतंकी हमलों की प्‍लानिंग ओर मदद करने के लिए संसाधन मुहैया कराने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। इसके साथ ही अमेरिकी न्यायधिकरण के तहत आने वाली लश्‍कर की सभी संपत्तियों को भी ब्‍लॉक कर दिया गया है और किसी भी अमेरिकी नागरिक को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की मदद करने से भी बैन कर दिया गया है। वैसे साधारणतौर पर हर अमेरिकी नागरिक को लश्‍कर के साथ किसी भी तरह से पैसे का आदान-प्रदान करने पर पहले से ही रोक लगी हुई है।

राजनीति में आने की कोशिशों पर लगाम

राजनीति में आने की कोशिशों पर लगाम

विदेश विभाग में काउंटर-टेररिज्‍म की को-ऑर्डिनेटर नाथन ए सेल्‍स ने कहा है कि लश्‍कर एक आतंकी संगठन है और लोगों को इसके सही रूप के बारे में पता लगना काफी जरूरी है। लश्‍कर, खुद को चाहे किसी भी नाम से बुलाए लेकिन यह हमेशा एक आतंकी संगठन रहेगा। अमेरिका हर उस प्रयासों का समर्थन करेगा जिसके तहत लश्‍कर की हर राजनीतिक कोशिश पर लगाम लगाई जा सके। हाफिज सईद ने लश्‍कर की स्‍थापना साल 1980 में की थी और यह आतंकी संगठन नंवबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों का जिम्‍मेदार है। इन हमलों में 166 लोगों की मौत हो गई थी।

2002 में लश्‍कर बना आतंकी संगठन

2002 में लश्‍कर बना आतंकी संगठन

विदेश विभाग की प्रेस रिलीज के मुताबिक लश्‍कर पाकिस्‍तान में कहीं भी अपनी गतिविधियों को संचालित करने के लिए आजाद है। लश्‍कर कहीं भी पब्लिक रैली करता है, फंड इकट्ठा करता है, आतंकी हमलों की साजिश करता है, आतंकियों को ट्रेनिंग देता है और साथ ही साथ हमलों को अंजाम देता है। अमेरिका ने 26 दिसंबर 2002 को लश्‍कर को एक विदेशी आंतकी संगठन घोषित किया था। इसके अलावा हाफिज सईद को भी ग्‍लोबल टेररिस्‍ट घोषित किया जा चुका है और उस पर अम‍ेरिका ने 10 मिलियन डॉलर का ईनाम रखा है।

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