सुखोई से होगा ब्रह्मोस मिसाइल के हल्के वर्जन का परीक्षण, 450 किलोमीटर तक करेगी मार करने में है सक्षम
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नई दिल्ली। जल्द ही सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट से ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा। फाइटर जेट से मार करने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल के इस परीक्षण को 'डेडली कॉम्बिनेशन' कहा जा रहा है। आपको बता दें कि ब्रह्मोस मिसाइल आवाज की गति से करीब तीन गुना अधिक गति यानि 2.8 माक की स्पीड से हमला करने में सक्षम है। यह मिसाइल हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है। इसका इस्तेमाल करके दुश्मन देश की सीमा में मौजूद आतंकी ठिकानों पर भी हमला बोला जा सकेगा। अगर सुखोई फाइटर जेट से ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण सफल रहा तो इससे भारतीय वायु सेना की ताकत और अधिक बढ़ जाएगी।

ये है ब्रह्मोस की खासियत
यह बताया जा रहा है कि ब्रह्मोस मिसाइल अंडरग्राउंड परमाणु बंकर, कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर और किसी समुद्र के ऊपर उड़ रहे एयरक्राफ्ट तक को काफी दूर से ही अपना निशाना बना सकती है। पिछले दस सालों में भारतीय सेना जमीन पर 290 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल को पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है।

हल्के वर्जन का होगा टेस्ट
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में इसी सप्ताह ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा। यह परीक्षण मिसाइल के हल्के वर्जन (2.4 टन) से किया जाएगा, जिसके लिए दो इंजन वाले सुखोई फाइटर जेट का इस्तेमाल होगा। आपको बता दें कि ब्रह्मोस मिसाइल के असली वर्जन का वजन 2.9 टन था।

450 किलोमीटर मार करने की होगी क्षमता
जिस ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण किया जाना है वह 450 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी, जिसकी स्पीड 2.8 माक है। अब ब्रह्मोस मिसाइल के हाइपरसोनिक वर्जन को बनाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। हाइपरसोनिक वर्जन की स्पीड 5 माक होगी।












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