एनएसजी मीटिंग से पहले सियोल रवाना विदेश सचिव
नई दिल्ली। न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) के सदस्यों की 24 जून को एक अहम मीटिंग होनी है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में होने वाली इस मीटिंग के दौरान भारत की ओर से सदस्यता के लिए किए गए आवेदन पर चर्चा हो सकती है। इस मीटिंग के मद्देनजर भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर सियोल के लिए रवाना हुए हैं। जयशंकर भारत की इस ग्रुप में एंट्री के लिए आखिरी बार जोर लगाने की कोशिश करेंगे।

क्यों सियोल गए हैं जयशंकर
मंगलवार को ही इस ओर संकेत मिल रहे थे कि जयशंकर को सियोल भेजा जा सकता है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जयशंकर के सियोल जाने का मकसद भारत के रास्ते में आने वाली रुकावटों का अनुमान लगाना है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जून को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह एनएसजी पर चर्चा कर सकते हैं। दोनों के बीच यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है।
चीन क्यों कर रहा विरोध
न सिर्फ चीन बल्कि भारत को आयरलैंड और ऑस्ट्रिया से भी इस मुद्दे पर विरोध का सामना करना पड़ सकता है। सोमवार को अमेरिका ने एनएसजी के सभी सदस्यों से भारत का समर्थन करने की अपील की है।
चीन की ओर से कहा गया है कि उसका ध्यान सिर्फ इस ओर है कि भारत को इसका सदस्य बनाने के लिए नियमों में कोई बदलाव न किया जाए। आपको बता दें कि भारत ने एनपीटी पर साइन नहीं किए हैं और एनपीटी पर साइन करने पर ही इस ग्रुप की सदस्यता मिलती है।












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