पाकिस्तान में हिंदुओं के घर गिराए जाने की भारत ने की निंदा, पाक उच्चायोग में दर्ज कराई आपत्ति
नई दिल्ली। पाकिस्तान में जिस तरह से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उसको लेकर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि हिंदू समुदाय को सोची-समझी रणनीति के तहत निशाना बनाया जा रहा है जोकि गलत है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हिंदुओं के घरों को पूरी रणनीति के तहत निशाना बनाकर गिराए जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। भारत ने दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में इस मामले को उठाया है और इसकी कड़ी शब्दों में निंदा की है।

भारत ने पाक उच्चायोग को आपत्ति पत्र सौंपा है, जिसमे पाकिस्तान में धर्म व नस्ल के आधार पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर उनका उत्पीड़न किए जाने को लेकर चिंता जाहिर की गई है। सूत्र ने बताया कि भारत की सिविल सोसाइटी की ओर से जताई जा रही चिंता का इसमे जिक्र है। पत्र में कहा गया है कि हिंदू समुदाय के लोगों ने अपने घर पर मालिकाना हक का वैध दस्तावेज दिया है, कोर्ट ने उनके घर को गिराने पर रोक भी लगा रखी है, लेकिन बावजूद इसके उनपर जुल्म किया जा रहा है। भारत की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान संबंधित विभाग द्वारा इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे।
हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के भावलपुर के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की एक बस्ती पर चिलचिलाती गर्मी में देश के आवास मंत्री की निगरानी में घरों को बुलडोजर से गिरवा दिया। इन अल्पसंख्यक हिंदुओं के घरों को बुलडोजर से पाकिस्तान के गृह मंत्री तारिक बशीर चीमा की उपस्थिति में किया गया, जो इमरान खान कैबिनेट के सदस्य भी हैं। चीमा के साथ पाकिस्तान के प्रधान सूचना अधिकारी शाहिद खोखर भी मौजूद थे।
चिलचिलाती धूप में अल्पसंख्यक हिंदुओं के परिवारों के महिला पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग चिल्लाते हुए और दया की याचना करते क्योंकि रहे लेकिन इन इमरान सरकार के मंत्रियों का उनके प्रति दिल नहीं पसीजा और इन सभी परिवारों के सामने उनका घर चंद मिनटों में गिराकर मलबे में तब्दील कर दिया गया। इन सभी का आशियाना चंद मलबे के नीचे दब गया और ये परिवार आंसू बहाते देखते रह गए।












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