भारत-फिलीपींस मैत्री स्थायी, और ज्यादा ऊंचाई पर पहुंचने के लिए तैयार: विदेश मंत्री जयशंकर
India-Philippines Relations: भारत और फिलीपींस के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोनों देशों के बीच मजबूत और समृद्ध सहयोग की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। एक कार्यक्रम में बोलते हुए जयशंकर ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक हितों को दोनों देशों के संबंधों का आधार बताया, जो अब नए अवसरों के साथ और प्रगाढ़ होते जा रहे हैं।
भारत और फिलीपींस के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध 26 नवंबर, 1949 को स्थापित हुए थे। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और सभ्यता का साझा इतिहास रहा है। जयशंकर ने इस अवसर पर भारत की ओर से बधाई देते हुए इन पुराने संबंधों की याद दिलाई और भारत-फिलीपींस की प्रगाढ़ मित्रता का महत्व बताया।

हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती
विदेश मंत्री जयशंकर ने हाल के वर्षों में भारत-फिलीपींस संबंधों में आई प्रगति को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा में सहयोग बढ़ा है। जयशंकर ने बताया कि फिलीपींस के विदेश मंत्री एनरिक मनलो के साथ मिलकर भारत-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के साझा हितों को सुरक्षित करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग में वृद्धि
भारत और फिलीपींस के बीच व्यापारिक संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं। आईटी, फार्मास्युटिकल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और एफएमसीजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियां फिलीपींस में निवेश कर रही हैं। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को और बढ़ाने के लिए यात्रा को सरल बनाने और कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं।
1,000 से अधिक फिलीपीनी नागरिकों ने भारत के आईटीईसी (Indian Technical and Economic Cooperation) कार्यक्रम में भाग लिया है, जिससे तकनीकी और शैक्षिक सहयोग में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा, भारत द्वारा शुरू किए गए क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से फिलीपींस में विकास कार्य हो रहे हैं, जिससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत हो रहे हैं।
भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में फिलीपींस की भूमिका
फिलीपींस आसियान (ASEAN) में भारत का देश समन्वयक है, जिससे भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को एक नई दिशा मिलती है। इस नीति के तहत भारत, पूर्वी एशियाई देशों के साथ मजबूत संबंध बनाने पर ध्यान दे रहा है। भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ता सहयोग आसियान में क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को प्रोत्साहित करता है।
भविष्य की संभावनाएं और साझेदारी का विस्तार
जयशंकर ने भारत-फिलीपींस के संबंधों में योगदान देने वालों का आभार व्यक्त करते हुए निरंतर सफलता की आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत-फिलीपींस की यह साझेदारी अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों का सम्मान करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करेगी।
भारत और फिलीपींस के 75 सालों के संबंध न केवल ऐतिहासिक महत्व रखते हैं, बल्कि यह साझा मूल्यों, आर्थिक हितों और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी देते हैं। इन संबंधों से न केवल दोनों देशों को लाभ होगा, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।












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