India Pakistan War: अगर समुद्री युद्ध हुआ तो किस राज्य को होगा खतरा? जानिए सालों पुराना ये विवाद क्या है
India Pakistan War: आतंकवाद के खिलाफ भारत ने "सिंदूर ऑपरेशन" चलाया जिसके बाद पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ है। इसी घबराहट में उसने भारत को डराने की कोशिश की और 8 मई की रात हमारे देश के कई शहरों को निशाना बनाया लेकिन भारतीय सेना ने S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम से सभी हमलों को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान ने भारत-पाक सीमा साझा करने वाले कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के कुछ चुनिंदा शहरों को टॉरगेट किया था।
हालांकि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी टेंशन के बीच भारतीय सेना हाई अलर्ट हैं और हमले का मुँह तोड़ जवाब दे रही है लेकिन पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। शुक्रवार की शाम भी एलओसी पर फायरिंग कर सीज फायर किया। ऐसे में सवाल उठता है कि जल, थल के बजाय अगर भारत-पाकिस्तान के बीच समुद्री युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है किस राज्य को सबसे अधिक खतरा हो सकता है? आइए समझते हैं

India pakistan sea border: किस राज्य को होगा खतरा?
भारत का ये राज्य गुजरात है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य भी है। अरब सागर के किनारे भारत के पश्चिमी तट पर स्थित इस राज्य में 992 मील (1,596 किमी) की लंबी तटरेखा है। गुजरात का कच्छ पाकिस्तान के साथ अपनी समुद्री सीमा साझा करता है।
पाकिस्तान के किस राज्य से जुड़ी है समुद्री सीमा?
वहीं भारत के पश्चिमी तट पर स्थित गुजरात की समुद्री सीमा पाकिस्तान के सिंध प्रांत से लगती है। सिंध प्रांत के करांची में ही पाकिस्तान का पोर्ट है। गुजरात की समुद्री सीमा अरब सागर से भी मिलती है। यहीं दोनों राज्य सर क्रीक (Sir Creek) क्षेत्र में आता है, जिसको लेकर 1947 के बाद से ही भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा विवाद का केंद्र रहा है।
क्या है सर क्रीक?
सर क्रीक एक 96 किमी लंबी दलदली जलपट्टी है, जो गुजरात के कच्छ के रण क्षेत्र में अरब सागर की ओर बहती है यह जलधारा कच्छ के रण और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच बहती है।
भारत-पाक विवाद के बीच विवाद कारण क्या है?
ब्रिटिश काल के 1914 के एक समझौते में सर क्रीक की पूर्वी किनारे को सीमा माना गया था - पाकिस्तान इसी दस्तावेज़ के आधार पर दावा करता है।
सर क्रीक के बारे में भारत क्या कहता है?
भारत का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक रेखा थी, और सही सीमा जलधारा के बीचों-बीच (mid-channel) होनी चाहिए, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय कानून (thalweg principle) के अनुसार होता है।
पाकिस्तान का दावा मानने से क्या होगा?
सर क्रीक की स्थिति से यह तय होता है कि भारत और पाकिस्तान को समुद्र में कितना क्षेत्र मिलेगा। अगर पाकिस्तान का दावा मान लिया जाए, तो उसे अरब सागर में अधिक क्षेत्र मिल जाएगा।
क्यों अहम है ये?
इस क्षेत्र में तेल और गैस संसाधनों की संभावना है। मछली पकड़ने के लिए यह इलाका बहुत उपजाऊ है, जिस वजह से अक्सर दोनों देशों के मछुआरे सीमा पार कर जाते हैं और गिरफ़्तार हो जाते हैं। रणनीतिक रूप से यह इलाका भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए संवेदनशील है।
भारत-पाकिस्तान की बातचीत हर बार रही बेनजीता
लंबे समय से दोनों देशों के बीच का ये विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। भारत और पाकिस्तान के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया।
क्या कभी भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ है समुद्री युद्ध?
भारत-पाकिस्तान के बीच वर्ष 1965 में छोटा लेकिन एक सैन्य टकराव था जिसे कच्छ संघर्ष के नाम से जाना जाता है। ये क्षेत्र कच्छ और रण के आस-पास केंद्रित है। ये क्षेत्र हमेशा से भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित क्षेत्र रहा है।
कैसे निर्धारित होती समुद्री सीमा?
भू-भाग ही की तरह पूरी दुनिया का समुद्री क्षेत्र अलग-अलग क्षेत्रों विभाजित है। प्रत्येक देश की तटीय आधार रेखा 12 समुद्री मील समुद्र की ओर तक फैले प्रादेशिक जल को स्थापित करती है। देशों की समुद्री सीमा का विभाजन अलग-अलग जोन में होता है। ये ही जोन किसी भी देश की रक्षात्मक समुद्री सीमा होती है। ये जोन देश की संप्रभुता और उसके आस-पास के समुद्री क्षेत्रों पर अधिकार क्षेत्र को परिभाषित करने के लिए अहम होता है।












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