कोरोना संकट के बीच भारत की GDP ग्रोथ रेट 8.3 फीसदी बरकार, वैश्विक स्तर पर गिरेगी अर्थव्यवस्था- वर्ल्ड बैंक
नई दिल्ली, जनवरी 11। भारत में कोरोना महामारी की तीसरी लहर की दस्तक के बीच वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2022 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 8.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। वहीं वर्ल्ड बैंक ने वैश्विक आर्थिक विकास में गिरावट का अनुमान जताया है। विश्व बैंक के मुताबिक, 2021 में वैश्विक आर्थिक विकास 5.5% था, जो 2022 में 4.1 और 2023 में 3.2 प्रतिशत रह जाएगा।

वर्ल्ड बैंक ने जारी की ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्टस रिपोर्ट
आपको बता दें कि मंगलवार को वर्ल्ड बैंक के वॉशिंगटन स्थित हेडक्वार्टर ने मंगलवार को ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्टस रिपोर्ट जारी की है, जिसमें ये अनुमान जताया गया है कि कोरोना महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था में गिरावट आएगी, जबकि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 8.3 फीसदी बरकरार रहेगी। यहां तक कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वार्षिक वृद्धि 8.3%, 2022-23 में 8.7% और 2023-24 में 6.8 होने का अनुमान है।
भारत के मुकाबले चीन की अर्थव्यवस्था पड़ेगी कमजोर
Recommended Video
वर्ल्ड बैंक ने भारत के अलावा अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, चीन और जापान सहित दुनिया की लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को लेकर अनुमान जारी किया है। अपनी इस रिपोर्ट में वर्ल्ड बैंक ने चीन की अर्थव्यवस्था को सुस्त पढ़ने का अनुमान जताया है। वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2022 के लिए चीन के जीडीपी ग्रोथ रेट अनुमान को 8.5 फीसदी से घटाकर 8 फीसदी कर दिया है। साथ ही वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 में वर्ल्ड बैंक ने चीन की आर्थिक विकास दर में और धीमी पड़ने और इसके क्रमश: 5.1 फीसदी और 5.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर
आपको बता दें कि कोरोना महामारी के कारण 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था के पटरी से उतरने के बाद 2021 में हालात थोड़े ठीक होना शुरू हुए थे, लेकिन फिर से कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है। कोरोना के नए वेरिएंट के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति, कर्ज और आय असमानता में वृद्धि, राजकोषिय और मौद्रिक समर्थन का समापन जैसी समस्याओं ने अर्थव्यवस्था के ठीक होने की संभावनाओं को खत्म कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications