मुंबई में सामने आया XE वेरिएंट का पहला केस, ओमिक्रॉन से 10 गुना ज्यादा संक्रामक
नई दिल्ली, 9 अप्रैल: देश में कोरोना वायरस के केस काफी हद तक कम हो चुके हैं। जिस वजह से राज्यों ने अब ज्यादा छूट दे दी है। इस बीच एक चिंताजनक खबर सामने आई, जहां मुंबई में कोरोना के XE वेरिएंट का पहला केस सामने आया है। बीएमसी ने शनिवार को इसकी पुष्टी की। अभी सांताक्रूज में रहने वाले 67 वर्षीय शख्स इसकी चपेट में आए हैं। खास बात तो ये है कि उन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ले रखी है। ये वेरिएंट इस वजह से भी ज्यादा चिंताजनक है, क्योंकि ये ओमिक्रॉन से 10 गुना ज्यादा संक्रामक है।

बीएमसी के मुताबिक संक्रमित मरीज 11 मार्च को गुजरात के बडोदरा गया था। वहां पर एक होटल में मीटिंग के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में जांच के दौरान वो कोविड पॉजिटिव पाए गए। लक्षण नहीं नजर आने पर वो वापस मुंबई लौट आए। बाद में उनके सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई, जिस पर XE वेरिएंट के संक्रमण का खुलासा हुआ। बीएमसी के मुताबिक दोनों खुराक लगी होने की वजह से उनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। अभी उनकी हालत पूरी तरह से स्थिर बताई जा रही।
ऐसे समझें XE वेरिएंट को
ये कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का नया सब-वेरिएंट है। ये ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 स्ट्रेन के म्यूटेशन से बना है, जिसे 'रिकंबिनेंट' बताया जा रहा है। रिकंबिनेंट की प्रक्रिया तब होती है, जब किसी वायरस के दो वेरिएंट मल्टीप्लाई करने के दौरान अपनी विशेषताओं को साझा करते हुए विकसित होते हैं। जब ये प्रक्रिया होती है तो इससे रिकंबिनेंट वायरस पैदा होते हैं।
क्या लक्षण अलग हैं?
ओमिक्रॉन XE वेरिएंट में किसी नए लक्षण की बात अबतक सामने नहीं आई है। कोविड के ओमिक्रॉन वेरिएंट की तरह ही इसके अधिकतर लक्षण कोल्ड की तरह ही माने जा रहे हैं। इसमें नाक बहना, छींक आना और गले में खराश जैसे लक्षण शामिल हैं, जबकि, कोविड के मूल स्ट्रेन में सामान्य तौर पर मरीजों में बहुत ज्यादा तेज बुखार, खांसी और स्वाद एवं गंध के गायब जैसे लक्षण प्रमुखता से दिखाई पड़ते हैं।












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